सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और पद का दुरुपयोग करने के मामलों पर जनवरी में होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
बरेली। नये साल की शुरुआत में ही मेयर उमेश गौतम पर ग्रह कुछ भारी होते दिखाई दे रहे हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में ही नगर निगम से जुडे़ दो महत्वपूर्ण मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई है। दोनों ही मेयर उमेश गौतम से जुड़े हैं। पहला मेयर के खिलाफ पद के दुरुपयोग से जुड़ा है और दूसरा मामला रजऊ परसपुर में दोबारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने से संबंधित है।
पहले मामले में पार्षद विपुल अग्रवाल, पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा, राजेश तिवारी समेत चार लोगों की ओर से दायर याचिका पर छह जनवरी को सुनवाई होगी। इन लोगों ने मेयर उमेश गौतम पर अपनी इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में नगर निगम की कुछ जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। दूसरा मामला रजऊ परसपुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से जुड़ा है। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी सतवीर सिंह की ओर दायर की गई इस याचिका में सरकारी धन का दुरुपयोग बचाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन शुरू कराने को कहा गया है। इस मामले में दस जनवरी को सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि प्लांट लगाने पर केंद्र और प्रदेश सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। मगर एनजीटी की लगाई कुछ शर्तों को पूरा करने के बजाय नगर निगम ने प्लांट का संचालन रोक दिया है। इससे एयरफोर्स के विमानों को नुकसान हो रहा है। बता दें कि रजऊ परसपुर स्थित प्लांट को लेकर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय समेत कुछ अन्य लोगों ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के बाद ही शर्तें पूरी न करने के चलते यह प्लांट बंद हुआ था।