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सिस्टम बेहाल- स्मार्ट सिटी के डार्क स्पेस मिटाएंगे, मगर सैलानी की हाईमास्ट नहीं जलवाएंगे

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बरेली। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में जोर-शोर से जुटे निगम अफसर छोटी-छोटी समस्याओं की शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं। पहले से ही चमक-दमक वाला सिविल लाइंस एरिया स्मार्ट सिटी के तहत और ज्यादा विकसित करने की प्लानिंग है लेकिन पुराना शहर के वार्डों की समस्याएं अफसरों की प्राथमिकता में ही नहीं हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दो करोड़ रुपये की लागत से शहर में हाईमास्ट लगाकर डार्क स्पेस मिटाने की तैयारी कर रहे अफसर करीब दो महीने से बंद पड़ी सैलानी पुलिया की हाईमास्ट एक दर्जन शिकायतों के बावजूद दुरुस्त नहीं करा सके हैं।
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सोमवार को अमर उजाला की टीम पुराना शहर के वार्ड 78 सूफी टोला में पहुंची। सैलानी पुलिया पर हबीबिया मस्जिद के सामने सड़क किनारे लगी हाईमास्ट लाइट दिखाते हुए लोगों ने बताया कि यह दो महीने से बंद है। इससे कुछ दूरी पर एक अन्य हाईमास्ट भी इतने ही समय से बंद है, इससे रात में लोगों को वहां से गुजरने में दिक्कत होती है लेकिन कई शिकायतों के बावजूद इन्हें दुरुस्त नहीं कराया गया है।
इससे आगे कसाई टोला वाली सड़क पर काफी पानी भरा था। लगातार पानी भरा रहने से सड़क लगभग खत्म हो चुकी है। लोगों ने बताया कि यहां दो साल से यही स्थिति है लेकिन नगर निगम अफसर यहां आते ही नहीं है तो उन्हें समस्या का अहसास कैसे हो। कसाई टोला के पास ही कटकुइयां तिराहे पर समस्याओं का अंबार था। सफाई न होने से नाली कूड़े से पट गई थी, सीवर भी करीब दो महीने से चोक था। इस वजह से सीवर और नाली का पानी सड़क पर भरा था। लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी सीवर की सफाई नहीं कराई गई है। इससे पीछे की नालियां भी कूड़े से पटी पड़ी थीं।
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तीन पत्र लिखे और दस बार किया फोन
सूफी टोला वार्ड के पार्षद मो. अंजुम ने बताया कि हाईमास्ट लाइट सही कराने के लिए तीन बार पत्र लिखे। मेयर उमेश गौतम ने इन्हें कार्रवाई के लिए अफसरों को फॉरवर्ड भी किया। अंजुम के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने 10-12 बार अफसरों को फोन भी किया लेकिन टीम भेजने की बात कहकर टाल दिया गया। करीब 28 हजार की आबादी वाले वार्ड में सूफी टोला, कसाई टोला, कटकुइयां, घेर जाफर खां और सैलानी मोहल्ले आते हैं। कटकुइयां तिराहे पर दो महीने से चोक सीवर लाइन के लिए भी कई बार शिकायत की लेकिन अफसर छोटी-छोटी शिकायतों पर ध्यान ही नहीं देते हैं।

दो करोड़ से दस स्थानों पर लगेंगी हाईमास्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आने वाले क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की धनराशि से दस स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने की तैयारी है। हर प्वाइंट पर 25 मीटर की ऊंचाई पर आठ-आठ लाइट लगाई जाएंगी। इसके लिए स्मार्ट सिटी की टीम ने रतनदीप कांप्लेक्स, पुलिस लाइन रोड, जिला अस्पताल रोड की ओर चौपुला, पुलिस क्वार्टर कंपाउंड, सुभाषनगर थाना गेट, सुभाषनगर पुलिया, कलक्ट्रेट, सर्किट हाउस, हाइडिल ऑफिस गेट और अक्षर विहार को चुना है।

पार्षदों की बात
सड़कों में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। अफसरों को पत्र लिखकर दे रहे हैं, मेयर भी कार्रवाई की संस्तुति कर रहे हैं लेकिन निगम अफसर छोटे-छोटे कामों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - शशि सक्सेना, पार्षद आवास विकास
पुराना शहर का हर वार्ड बदहाली से जूझ रहा है लेकिन अफसर स्मार्ट सिटी में भी वही एरिया चमका कर रहे हैं, जहां पहले से सर्वाधिक विकास हुआ है। मगर कोई देखने वाला नहीं। - रईस मियां अब्बासी, पार्षद हजियापुर
एक छोटी सी सड़क बनवाने के लिए अफसरों को कई पत्र लिखे तो कह दिया कि उस पर पैचवर्क कराया जाएगा। मगर आज तक न तो पैचवर्क हुआ और न ही सड़क बनाई गई। - सलीम पटवारी, पार्षद घेर शेख मिट्ठू
छोटी-छोटी समस्या के लिए नगर निगम अफसरों को कई-बार पत्र लिखना पड़ता है। कई बार तो अपने लेटरपैड पर शिकायत लिखकर मेयर से फॉरवर्ड कराते हैं, फिर काम भी नहीं होता। - पूनम गंगवार, पार्षद वार्ड गांधी नगर
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