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नगर निगम के खाते में 604 करोड़ रुपये, फिर क्यों ठहरे विकास कार्य

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बरेली। नगर विकास मंत्री की बैठक में निगम के अफसरों की पोल खोलने के बाद मेयर उमेश गौतम ने फिर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को पत्र लिखकर कहा है कि नगर निगम के खाते में 604.53 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। बताया जाए कि इस धनराशि से कौन से कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने अब तक हुए खर्च का भी ब्योरा मांगा है।
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नगर निगम में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच लंबे समय से शीतयुद्ध चल रहा है। उनके बीच का विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और शासन के अधिकारियों की जानकारी में भी है। यही वजह रही कि जब मंगलवार को नगर विकास मंत्री ने प्रदेश भर के मेयर और नगर आयुक्तों के साथ बैठक की तो मेयर उमेश गौतम निगम के अफसरों के दावों की पोल खोलते रहे। गड्ढा मुक्ति, स्मार्ट सिटी, निर्माण कार्य समेत कई बिंदुओं पर मेयर ने मंत्री के सामने ही निगम के अफसरों को घेरा। मंत्री भी बरेली की तनातनी समझ गए और अलग से बैठक बुलाने की बात कही।
बैठक में बताए आंकड़ों के अनुसार नगर निगम बरेली के पास विभिन्न मदों में अभी 604.53 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध है। इसको लेकर मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को पत्र लिखकर पूछा है कि इस धनराशि से कौन से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक कितनी धनराशि व्यय हो चुकी है और अभी कितना व्यय किया जाना है। मेयर ने नगर आयुक्त से आठ नवंबर तक इसका जवाब मांगा है। वहीं पार्षदों का कहना है कि नगर निगम में जब इतना बजट है तो विकास कार्य क्यों नहीं कराए जा रहे हैं।
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नगर निगम के पास 604 करोड़ रुपये का बजट है। मगर विकास कार्य ठप हैं, काम स्वीकृत होने के बावजूद टेंडर नहीं निकाले हैं। इसलिए पत्र लिखकर पूछा है कि इस धनराशि से कौन से कार्य कराए जाएंगे।
- उमेश गौतम, मेयर
मेयर महोदय का पत्र अभी मुझे नहीं मिला है, हो सकता है कि डाक में आया हो। मैं दिन में निरीक्षण पर चला गया था। पत्र देखकर उसका जवाब दिया जाएगा। - ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
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