बरेली। टकराव में उलझे नगर निगम के अफसरों का शिकायतों के निस्तारण पर बिल्कुल ध्यान नहीं है। प्रकाश विभाग के हालात सबसे खराब हैं, जिसके चलते दिवाली पर भी शहर के तमाम इलाकों में स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट नहीं जलीं। नगर निगम के कंट्रोल रूम में लोगों ने शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां बता दें कि प्रकाश विभाग में अक्तूबर की 178 शिकायतें लंबित हैं।
प्रकाश पर्व दीपावली को लेकर लोग पहले से ही तैयारी शुरू कर देते हैं। घरों में साफ-सफाई के साथ ही प्रयास रहता है कि उनके घर के आसपास लगी नगर निगम की स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट आदि जलती रहें। इसके चलते ही इस महीने नगर निगम में प्रकाश विभाग से संबंधित शिकायतें ज्यादा पहुंचीं। तीन अक्तूबर से 28 अक्तूबर के बीच शहर के विभिन्न हिस्सों से 178 शिकायतें नगर निगम के कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गईं। वहां से यह शिकायतें प्रकाश विभाग में ट्रांसफर कर दी गईं और फिर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम कंट्रोल रूम के मुताबिक दिवाली पर भी प्रकाश विभाग से संबंधित किसी शिकायत का निस्तारण नहीं हुआ। इस वजह से जहां कई दिन से अंधेरा था, दिवाली पर भी अंधेरा ही पड़ा रहा।
दो जगह बंटी है जिम्मेदारी
नगर निगम में पिछले दिनों स्ट्रीट लाइट लगाने और उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी ईईएसएल (एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) को दी गई थी। इसके तहत अधिकांश स्ट्रीट लाइट बदल दी गईं। मगर कुछ जगह अब भी पुरानी लाइट्स ही लगी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने की जिम्मेदारी नगर निगम के ही पास है। बावजूद इसके शिकायतों के निस्तारण के बजाय यहां 178 शिकायतें पेंडिंग हैं।
लाइट सही कराने की जिम्मेदारी प्रकाश विभाग के साथ ही ईईएसएल की भी है। दिखवाया जाएगा कि इतनी शिकायतें क्यों लंबित हुई हैं, जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त