बरेली। लंबे विवाद के बाद शांत हुए नगर निगम सोमवार में सोमवार को फिर हंगामा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से विज्ञापन मांगने पहुंचे थे। आरोप है कि नगर आयुक्त ने पहले तो उन्हें काफी देर बाहर इंतजार कराया फिर विज्ञापन देने से मना कर दिया। इस पर उनके बीच तीखी तकरार हो गई और एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री राहुल चौहान ने नगर आयुक्त से कह दिया कि हमें शुक्र-शनि सब ठीक करना आता है। यह सुनकर गुस्साए नगर आयुक्त ने पुलिस बुलाई तो एबीवीपी नेताओं ने छात्र बुला लिए। हंगामा होने लगा तो पुलिस ने बीच में पड़कर मामला शांत कराया।
एबीवीपी के पदाधिकारियों के मुताबिक उनकी पत्रिका ‘स्मृति मंजूसा’ के लिए तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने एक लाख रुपये का विज्ञापन दिया था। इस बार फिर से विज्ञापन के लिए सोमवार को एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री राहुल चौहान, महानगर मंत्री गौरव यादव समेत चार पदाधिकारी नगर निगम पहुंचे। एबीवीपी नेता राहुल चौहान का आरोप है कि नगर आयुक्त ने मीटिंग होने की बात कहकर उन लोगों को आधा घंटे बाहर बैठाए रखा। इसके बाद जब वे लोग मिलने पहुंचे तो उन्होंने विज्ञापन देने से तो मना किया ही, ठीक से बात तक नहीं की। बताया जाता है कि राहुल ने दबाव बनाने की कोशिश की तो नगर आयुक्त भी तल्ख हो गए, इस पर राहुल ने कहा कि हमें शुक्र-शनि ठीक करना आता है। इसके बाद नगर आयुक्त ने पुलिस को फोन किया तो एबीवीपी वालों ने छात्रों को बुला लिया और हंगामा कर नारेबाजी शुरू कर दी। नगर निगम में टकराव की स्थिति बनती, इससे पहले ही पुलिस पहुंच गई और समझाकर मामला रफा-दफा कर दिया।
हम लोग विज्ञापन लेने गए थे लेकिन नगर आयुक्त ने हमसे ठीक से बात तक नहीं की। आधा घंटे तक कार्यालय के बाहर बैठाए रखा। हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थे तो हमने भी कह दिया कि हमें नेता न समझो। हम छात्र हैं, शुक्र-शनि ठीक करना आता है।
- राहुल चौहान, विभाग संगठन मंत्री एबीवीपी
विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता नगर निगम में आए थे। वे एक लाख रुपये का विज्ञापन देने के लिए दबाव बना रहे थे। हंगामा किया तो पुलिस बुलानी पड़ी।
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त