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बोर्ड ने दिखाई ताकत, अफसर खामोश.. बैठक फिर स्थगित

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बरेली। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल की कुर्सी जाने का असर बृहस्पतिवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी देखने को मिला। निगम बोर्ड की ताकत का अहसास कराने के लिए बैठक शुरू होते ही पार्षद सतीश कातिब और राजेश अग्रवाल अपने सवालों का जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। मेयर उमेश गौतम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन पार्षद नहीं माने, जिसके कारण बैठक स्थगित कर दी गई। तय हुआ कि अफसर पहले पार्षदों के सवालों के जवाब देंगे, फिर 29 अगस्त को बैठक होगी। इस दौरान नगर आयुक्त समेत तमाम निगम अफसर खामोश बैठे सब कुछ देखते रहे।
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बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे बोर्ड की बैठक शुरू होते ही पार्षद सतीश कातिब अपने 17 सवालों का जवाब न मिलने का आरोप लगाकर सदन में जमीन पर बैठ गए। सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल भी उनके साथ ही बैठ गए। मेयर ने उनसे कहा कि अफसरों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाए और फिर बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। निगम के अफसर खामोश होकर सब कुछ देखते रहे। तय हुआ कि बैठक 29 अगस्त को होगी, लेकिन उससे पहले निगम के अधिकारी पार्षदों के सभी सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद पार्षद खाना खाकर वहां से चले गए। इस दौरान उपसभापति अतुल कपूर, उपनेता छंगामल मौर्य, मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे

इन सवालों का नहीं मिला जवाब
- रामपुर गार्डन में निगम की कोठी का आवंटन किसको हुआ, उसने बंटवारा कैसे कर दिया?
- गुलाबराय के पास निगम की 4170 वर्ग गज जमीन की फाइल कहां है?
- डीडीपुरम में वीसी बीडीए के मकान की जगह पहले ट्यूबवेल था, वह कब खत्म हुआ, मौजूदा स्थिति क्या है?
- वर्ष 2012-2018 तक केंद्र सरकार की निधि से नगर निगम क्षेत्र में कितनी सड़कों के निर्माण हुए?
- पार्षदों के लिखे पत्रों पर अधिकारी छोटी-छोटी शिकायतों का निस्तारण क्यों नहीं करते?
- नरकुलागंज में डलावघर पर कब्जे की जांच क्यों नहीं हुई?
- इंदिरानगर में डी-45 प्लाट पर अवैध कब्जा क्यों नहीं हटाया गया?
- जनवरी 2018 से निगम ने कितने वाहन खरीदे और उनका ब्योरा क्या है?
- नाजिर ने जनवरी 2018-जून 2018 तक कितना धन खर्च किया?
- चार हाईमास्ट लगाने के प्रस्ताव का क्या हुआ?
- 20 जून 2018 को कितने कर्मचारी हड़ताल पर रहे?
- नवादा शेखान पुलिया के पास निगम की जमीन से कब्जा क्यों नहीं हटा?
अयूब खां चौराहा या पटेल चौक पर उलझे
बैठक स्थगित होने के बाद अनौपचारिक चर्चा में पार्षद अब्दुल कयूम मुन्ना ने कहा कि अयूब खां चौराहे के पास नाला खुला पड़ा है, हादसा हो सकता है। इस पर मेयर बोले कि निगम के रिकार्ड में पटेल चौक है। इसके बाद सभी भाजपा पार्षद उसे पटेल चौक और कुछ सपाई पार्षद अयूब खां चौराहा बताकर हंगामा करने लगे। इसके बाद कुछ पार्षदों ने नगर आयुक्त के न मिलने का मुद्दा उठाया तो उन्होंने कहा कि पार्षद 11 बजे के बाद मिल सकते हैं। साथ ही अधिकारियों के निर्देश दिए कि सभी पार्षदों के नंबर अपने पास रखें।
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15 दिन में तीन बार अड़ंगे के बाद बैठक का बनेगा इतिहास
बरेली। नगर निगम में लंबे समय तक चले टकराव के दौरान कई रिपोर्ट लिखे जाने के बाद पार्षद शांत होकर बैठ गए थे, लेकिन अब वे निगम के अफसरों को बोर्ड की ताकत दिखाने में लगे हैं। बताया जाता है कि इसी के चलते बृहस्पतिवार को निगम बोर्ड की बैठक स्थगित कराई गई।
लोकसभा चुनाव और निगम में लंबे चले विवाद के बाद 14 अगस्त को बोर्ड बैठक की तारीख तय की गई थी, लेकिन उससे तीन दिन पहले ही पार्षदों ने त्योहारों का हवाला देकर इसे निरस्त करा दिया। इसके बाद 21 अगस्त बुधवार को बैठक बुलाई गई, लेकिन इसे पार्षद एवं दो पूर्व पार्षद के निधन के चलते शोकसभा करके स्थगित कर दिया गया। तीसरी बार बृहस्पतिवार 22 अगस्त को बैठक शुरू हुई, लेकिन पार्षदों ने धरना प्रदर्शन कर इसे भी स्थगित करा दिया। अब 29 अगस्त को बैठक बुलाई गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि निगम के अफसरों की तरफ से कोई चूक रह गई तो अगली बार भी हंगामा होना तय है।
बता दें कि नगर निगम में पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच लंबे समय घमासान रहा था। उस समय नगर आयुक्त भारी पड़े और मेयर समेत पार्षदों पर कई मुकदमे दर्ज करा दिए गए। उस समय वित्तमंत्री के पद पर रहते राजेश अग्रवाल ने नगर आयुक्त से अकेले में मीटिंग कर लोगों को एक संदेश देने का प्रयास किया था। अब वह वित्तमंत्री पद छोड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि निगम की बोर्ड बैठक स्थगित कराने के पीछे निगम के अफसरों को इसका अहसास कराना है।

पार्षदों को उनके सवालों के जवाब नहीं दिए गए थे इसलिए बोर्ड बैठक स्थगित की गई है। अब बैठक 29 अगस्त को होगी, निगम के अफसर जवाब नहीं देंगे तो उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।
- उमेश गौतम, मेयर

प्रयास किया जाएगा कि पार्षदों को उनके सवालों के जवाब बोर्ड की बैठक से पहले ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। कुछ जवाब देने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन पार्षदों ने उन्हें स्वीकार करने में टालमटोल कर दी।
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- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
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