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यह कैसी दोस्ती! मंत्री जी के इशारे पर उजड़े फड़ वालों को जमाते हैं, मेयर से छिपाते हैं

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बरेली। पिछले दिनों जिला अस्पताल रोड से उजाड़े गए फड़ वालों को जमाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद शुरू की है। यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्री और विधायक की पैरवी पर हो रही है। इसके जिला प्रशासन ने शहर में कई स्थानों का सर्वे कराया है, जिसमें तिब्बत मार्केट भी शामिल है। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि नगर निगम की मदद से उन्हें बसाया जाएगा, मगर मेयर उमेश गौतम को इस बारे में कुछ पता ही नहीं है।
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करीब महीना भर पहले तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने जिला अस्पताल रोड से नगर निगम की मदद से सड़क किनारे फड़ लगाने वालों को हटवाया था। इसके बाद वह लगातार निगरानी भी करते रहे, जिसके फड़ व्यापारी वहां दोबारा दुकानें नहीं लगा सके। फड़ व्यापारियों ने तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट से रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की बात कहकर दोबारा जगह देने की फरियाद की, लेकिन उन्होंने अस्पताल रोड पर जाम से एंबुलेंस फंसने का हवाला देकर मना कर दिया। दुकानदार कई बार डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मिले और अपनी समस्या रखी। मगर उन्होंने भी कोई राहत नहीं दी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर इन फड़ व्यापारियों को कहीं जगह देने को कहा था ताकि उनकी आजीविका चलती रही। इस पर जिला प्रशासन ने कवायद शुरू करा दी और सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने शहर में भ्रमण करके तिब्बत मार्केट समेत कुछ जगह चिह्नित कर डीएम को रिपोर्ट दी है।

निगम की मदद से बसाएंगे
सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से बात करके इन्हें बसाने के निर्देश दिया। इस पर नगर आयुक्त ने डीएम को बताया कि वह प्लान बना रहे हैं और इन दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से जगह दी जाएगी।
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डीएम-नगर आयुक्त की हुई बात, मेयर अनजान
जिला अस्पताल के फड़ व्यापारियों को बसाने के लिए जिला प्रशासन ने कुछ जगह देखीं और डीएम ने नगर आयुक्त से बात भी कर ली। मगर इस मामले को लेकर मेयर उमेश गौतम को कोई भनक भी नहीं है। बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम में वेडिंग जोन को लेकर ही घमासान की शुरुआत हुई थी। जिसके बाद सामने आया था कि पूर्व में स्वीकृत 16 वेडिंग जोन की रिपोर्ट शासन को जाने के बाद अब तक नहीं लौटी है। ऐसे में यह नई कवायद पुराने प्रस्ताव पर पानी फेरती नजर आ रही है।

वेडिंग जोन तय करना कमेटी की जिम्मेदारी
डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट से फड़ व्यापारियों को बसाने के लिए कुछ जगह का सर्वे तो करा लिया है लेकिन यह जिम्मेदारी नगर निगम की वेंडिंग जोन कमेटी की है। शासन से स्वीकृत यह कमेटी ही शहर में वेंडिंग जोन तय करती है। पूर्व में भी इसी कमेटी ने यहां वेडिंग जोन निर्धारित किए, मगर उन पर अब तक अमल नहीं हो सका है।

तिब्बत मार्केट वाली जगह तो खाली कराई गई है, वह जगह वेंडिंग जोन में भी नहीं है तो वहां फड़ कैसे लगवाए जा सकते हैं। इससे तो वहां जाम की दिक्कत हो जाएगी। इस बारे में डीएम या नगर आयुक्त से मेरी कोई बात भी नहीं हुई है। वेंडिंग जोन तय करने के लिए शासन से कमेटी भी बनी हुई, यह सर्वे जिला प्रशासन नहीं करा सकता।
- उमेश गौतम, मेयर

जिला अस्पताल रोेड के फुटपाथ पर दुकानदारों को जगह देना ठीक नहीं होगा। इससे वहां जाम की दिक्कत पैदा होगी। तिब्बती मार्केट में पर्याप्त जगह है। तिब्बती दुकानदार सिर्फ जाड़ों में आते हैं। इस संबंध में रिपोर्ट डीएम को दे दी है।
- मदन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर जिला अस्पताल रोड के फड़ व्यापारियों को बसाने के लिए कुछ जगह का सर्वे कराया था। इनमें तिब्बती मार्केट वाली जगह भी शामिल है। नगर आयुक्त को फड़ व्यापारियों को बसाने के लिए कहा गया है, उन्होंने प्लानिंग करने की बात कही है।
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- वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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