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पॉल साहब मिले न अंबेडकर, रेजीडेंसी वालाें ने निगम में किया हंगामा

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बरेली। रेजीडेंसी गार्डन में जलभराव के चलते लोग घर छोड़ने को मजबूर होने लगे तो शुक्रवार को उनका सब्र जवाब दे गया। गुस्साए लोग नगर निगम पहुंचे तो नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. नहीं मिले। इसके बाद अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह और मेयर उमेश गौतम मिलने के बाद वे लोग चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर के कार्यालय में घुस गए। चीफ इंजीनियर नहीं मिले तो वहां जमकर हंगामा, गाली-गलौज और नारेबाजी की। फिर उन्हें फोन लगाकर खरीखोटी सुनाई। इसके बाद जलकल के जीएम और एई ने वहां का निरीक्षण किया।
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स्टेडियम रोड की पॉश कॉलोनी रेजीडेंसी गार्डन में पिछले साल जलभराव पर खासा हंगामा हुआ था। इसके बाद साल भर नगर निगम के अफसर प्लानिंग करते रहे। कभी नया संपवेल बनाने की प्लानिंग हुई तो कभी नया नाला बनाने की बात की गई। नाले का प्रस्ताव बनाकर काम शुरू भी किया गया लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते ही रेजीडेंसी गार्डन में तीन-चार दिन से करीब तीन फुट तक पानी भरा है। कोई समाधान न होते देख यहां के निवासियों का सब्र जवाब दे गया तो शुक्रवार को वे नगर निगम पहुंच गए। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. मौजूद नहीं थे तो अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह से मिले। उन्होंने समाधान का आश्वासन दिया लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए तो मेयर उमेश गौतम के पास पहुंचे। मगर मेयर ने कहा कि वह तो प्रस्ताव भी बनवा चुके हैं लेकिन निगम अफसर भ्रष्टाचार में डूबे हैं। इसके बाद गुस्साए लोग चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर के कार्यालय में पहुंचे। वहां चीफ इंजीनियर नहीं मिले तो एक व्यक्ति ने उन्हें फोन लगा दिया और पूछने लगे कि आप कहां हो, हम वहीं आ जाएंगे। मगर चीफ इंजीनियर ने कुछ नहीं बताया। इस दौरान लोग हंगामा कर नारेबाजी करते रहे, वहीं पीछे खड़े कुछ लोगों ने गाली-गलौज भी की। इसके बाद वे लोग जलकल विभाग में पहुंचे तो जीएम जलकल और एई जलकल ने मौके पर निरीक्षण कर जलनिकासी का आश्वासन दिया।

नीचे की मंजिल खाली, ऊपर शिफ्ट हो रहे लोग
रेजीडेंसी गार्डन में पानी लोगों के घरों में भरने लगा है। इसके चलते लोगों ने अपना सामान नीचे से ऊपरी मंजिल में शिफ्ट कर लिया है। वहीं चर्चा है कि जिन लोगों के घर एक मंजिल हैं, वे होटल में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने घरों में सामान के नीचे ईंटें लगाकर उसे ऊपर उठाया है।
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गाड़ियां पानी में फंसे, रिक्शे से हो रहा आवागमन
कालोनी में लोगों की छोटी गाड़ियां पानी में फंस गई हैं और उनका वहां चलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में वहां आधा दर्जन से ज्यादा रिक्शे लगाए गए हैं जो उन्हें घरों तक पहुंचा रहे हैं। रिक्शे वाले भी मनमाना किराया वसूलते हैं, जिसके चलते लोग आक्रोशित हैं।

कालोनाइजर को लेकर आक्रोश
लोगों में कालोनाइजर को लेकर भी आक्रोश है। उनका कहना है कि हर महीने मेंटिनेंस के नाम पर उनसे रुपये वसूले जाते हैं, मगर कोई काम नहीं होता। अब वे जलभराव से जूझ रहे हैं और रिक्शे का किराया भी खुद ही दे रहे हैं। बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं।

संजयनगर में खुले पड़े डिप, श्यामगंज में फूटा मेनहोल
बरेली। नगर निगम की अनदेखी के चलते शहर की सड़कों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। संजयनगर में नालों को जोड़ने के लिए डिप बनाकर बीच सड़क पर खुले छोड़ दिए गए हैं। साथ ही मलबा भी सड़क पर ही पड़ा है। इसके चलते न सिर्फ यहां जाम लग रहा है बल्कि हादसों का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे ही प्रेमनगर थाने के सामने मैकेनियर रोड पर भी मेन होल का गड्ढा फूट गया है। हालांकि नगर निगम ने यहां आसपास टैंकर खड़ा करके रास्ता तो अवरुद्ध कर दिया है लेकिन इससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा श्यामगंज चौकी के पास ही सड़क पर सीवर का मेन होल धंस गया है, जिससे सड़क खोखली हो गई है। नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया तो लोगों ने गड्ढे में लकड़ी लगा दी हैं लेकिन अंधेरे में यहां हादसे की आशंका बनी हुई है।
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