नए साल में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने उपहार के रूप में जंक्शन और बरेली सिटी को पूरी तरह से जोड़ने का वायदा किया है। इससे लालकुआं-कासगंज रूट पर ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा हो जाएगी। नए साल में इस रूट पर तीन जोड़ी ट्रेनें भी बढ़ा दी जाएंगी।
उत्तराखंड के लालकुआं से वाया सिटी स्टेशन और रेलवे जंक्शन-कासगंज बड़ी लाइन बन चुकी है। बरेली सिटी स्टेशन और जंक्शन के बीच उत्तर रेलवे की लाइन से कनेक्टिविटी कर लालकुआं से कासगंज तक ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया था। अभी उत्तर रेलवे की बरेली जंक्शन होकर 181 ट्रेनें आती-जाती हैं। ट्रैक अति व्यस्त होने के कारण फिलहाल लालकुआं-कासगंज के बीच तीन जोड़ी ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं।
एनई रेलवे ने सिटी स्टेशन से वाया जंक्शन-रामगंगा तक अपनी अलग ब्राडगेज लाइन बनाई है। यह लाइन चौपुला के पास उत्तर रेलवे के पुल से नीचे होकर जा रही है। इस पुल के गार्डर बदले जा चुके हैं। 40 मीटर ट्रैक बनाकर कनेक्टिविटी का कार्य जारी है।
यहां सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि दिसंबर में सिटी स्टेशन और रेलवे जंक्शन के बीच कनेक्टिविटी का कार्य पूरा कर सीआरएस निरीक्षण करा लिया जाएगा। जनवरी 2017 में लालकुआं से कासगंज तक एनईआर की लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। जनवरी में लालकुआं-कासगंज के बीच तीन जोड़ी गाड़ियां बढ़ा दी जाएंगी। साउथ के लिए लंबी दूरी की गाड़ियां भी चलाने की योजना है।
2020 हर यात्री को मिलेगा कन्फर्म टिकट
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि रेल में सबसे बढ़ी समस्या यात्रियों के अनुपात में कैपेसिटी की है। मांग के अनुरूप ट्रेनें कम हैं। इसको ध्यान में रखकर रेल में निवेश बढ़ाया गया है। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ रेलवे लाइनों का दोहरीकरण और चौहरीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 तक हर रेल यात्री को वेटिंग से छुटकारा मिल जाएगा। हर यात्री को कन्फर्म रेल टिकट उपलब्ध होगा।
टाइम टेबल से चलेंगी मालगाड़ियां
रेल राज्यमंत्री ने बताया कि मालगाड़ियों के आने-जाने का समय तय नहीं होता। मालगाड़ियों को टाइम टेबल से चलाने की योजना है। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर तीन-चार मालगाड़ी चलाई जा रही हैं।
हादसों को लेकर रेल मंत्रालय चिंतित
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि रेल फ्रैक्चर चिंता का विषय हैं। ट्रैक मेंटिनेंस के लिए ब्लाक लेना बड़ी समस्या है। ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी गई है। फ्रैक्चर कैसे रुकें इस पर आरडीएसओ से विचार किया जा रहा है। कानपुर हादसे की रिपोर्ट अभी अपेक्षित है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रूट को हरी झंडी
राज्यमंत्री ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग को सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। इसका सर्वे आदि पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य हेतु निविदाओं की प्रक्रिया होनी है। इसके बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
यूपी में ज्यादा निवेश
अभी तक यूपी में बमुश्किल हजार करोड़ रुपये रेल परियोजनाओं पर खर्च होते थे, लेकिन मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर अब 4500 करोड़ रुपये कर दिया है। राज्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ वायदे नहीं करती है, जो घोषणा होती है उसे पूरा भी किया जाएगा।