दुआइया कलाम और सलाम पढ़ कर दुनिया के लिए मांगी दुआ
बरेली। कोरोना को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिया मोमबत्ती जलाने की अपील का असर मुस्लिमों में भी दिखा। तमाम लोगों ने अपने घरों पर मोमबत्तियां जला कर दुआएं मांगी। मस्जिदों से लेकर घरों तक अजान तो कहीं सलाम की आवाज भी गूंजती सुनाई दी।
खास तौर से बात करें तो अमर उजाला के पीछे सेमलखेड़ा में तमाम घरों में रोशनी दिखाई दी। इसमें जुनेद खां, यासिर, आमिर, सैय्यद फर्रुख, सैफ खान, सैय्यद जामिन, अब्दुल वसीम, सैय्यद सलीम आदि ने अपने घरों की लाइटें बंद कर मुढे़र पर मोमबत्तियां और लालटेन रोशन कीं। यहीं पर सभी ने कतारबद्ध खड़े हो कर पहले दुआइया कलाम पढ़ा और आला हजरत का सलाम पढ़ने के बाद पूरी दुनियां की हिफाजत और बीमारों की सेहत के लिए दुआ की।
इसके अलावा रुहेलखंड वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव नाजिम बेग ने भी अपने घर पर चिरागां किया। उन्होंने खुशबुओं के चिराग के साथ मोमबत्ती और टार्च भी रोशन किए। साथ ही कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए दुआए खैर की। इसी तरह जखीरा में सफदर अली काजमी, अजादार हुसैन काजमी, मुजफ्फर हुसैन काजमी, शानू काजमी आदि ने भी अपने घरों पर मोमबत्तियां जला कर कोरोना से निजात के लिए दुआ मांगी।
इसी क्रम में एक तरफ जहां आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान ने अपने घर पर अंधेरा कर मोमबत्तियों से रोशनी किया और दुआ मांगी, वहीं खन्नू मोहल्ले की रहने वाली आठ वर्षीय अदीना फातिमा ने भी मोमबत्ती रोशन कर खुदा से दुआ मांगी। राष्ट्रीय मुस्लिम महिला मोर्चा की अध्यक्ष एवं केपीआरसी कला केंद्र की प्रधानाचार्य नाहिद सुल्ताना ने भी दीप जला कर कोरोना से निजात की दुआ की। इसके अलावा पुराना शहर की कई मस्जिदों और घरों से आजान की आवाजें भी गूंजी।