बरेली। तंजीम उलमा इस्लाम ने एलान किया है कि यूपी के चुनाव में मुसलमान उसी राजनीतिक दल का साथ देगा जो मुस्लिम एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा। करीब एक महीने से एजेंडा बनाने में जुटी तंजीम की मुशावती कमेटी एक-दो दिन में उसे जारी करने की तैयारी में है। इसके बाद उलमा का प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग सियासी दलों के प्रमुखों के सामने एजेंडा रखकर उस पर उनका रुख भांपेगा।
मुस्लिम समाज के उत्थान पर आधारित मुस्लिम एजेंडे में मुसलमानों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने जैसे बुनियादी मुद्दों को शामिल किया गया है। मुस्लिमों के लिए दुनियावी तालीम के साथ दीनी शिक्षा की व्यवस्था की बात कही गई है तो कारोबार, नौकरियों और लघु उद्योगों के संबंध में उनके लिए अलग योजना बनाने पर जोर दिया गया है। मदरसों के विकास और मुस्लिम एनजीओ के स्कूलों-कॉलेजों के उत्थान की भी मांग एजेंडे में शामिल है।
तंजीम के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुशावती कमेटी के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के मुताबिक यह एजेंडा तैयार करने में बरेली के अलावा लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, बनारस, आगरा, गोरखपुर, बलिया, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर के साथ यूपी के कई और जिलों के उलमा और दानिश्वरों से सलाह-मशवरा किया गया है। उलमा का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों से मिलकर उन्हें यह एजेंडा सौंपेगा और उनसे इस पर अमली जामा पहनाने की बात करेगा। इस बातचीत में यह भी साफ किया जाएगा कि मुसलमान उसी दल का साथ देंगे जो मुस्लिम एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा।