शाही। इलाके में महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याओं के दौरान एक साल में शाही थाने के चार प्रभारियों को हटाया गया। थानेदार बदलते रहे, पर यहां हत्याओं का ग्राफ कम नहीं हुआ।
पांच मई 2023 को परतापुर गांव निवासी कलावती की हत्या हुई। शिकायत न होने से यह घटना पुलिस रिकॉर्ड से बाहर रही। इसके बाद कुलछा की धानवती व आनंदपुर की प्रेमवती की हत्या थानाध्यक्ष बलवीर सिंह के कार्यकाल में हुई तो उनको हटा दिया गया। इसके बाद शाही थाने का प्रभार सत्येंद्र भड़ाना को दिया गया। उनके कार्यकाल में 22 जुलाई को खजुरिया की कुसुमा देवी तथा सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती की हत्या हुई।
शाही के ही गांव मुबारकपुर निवासी शांति देवी की हत्या फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में हुई। सेवा ज्वालापुर में महिला की हत्या के अगले दिन सड़क पर सात घंटे तक धरना-प्रदर्शन कर जाम लगाया गया। शाही-शेरगढ़ रोड सात घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। इन घटनाओं के बाद सत्येंद्र भड़ाना को हटाकर उनके स्थान पर सतीश कुमार को शाही थाने का प्रभारी बनाया गया।
इसके बाद 22 नवंबर को खरसैनी निवासी दुलारो देवी की हत्या हो गई। तब सतीश कुमार को हटाकर शाही थाने के एसएसआई अमित कुमार बालियान को यहां का थानाध्यक्ष बना दिया गया जो फिलहाल थाने की जिम्मेदारी देख रहे हैं। दो जुलाई को हौसपुर गांव निवासी अनीता देवी की हत्या बुझिया माइनर के पास करके शव खेत में डाल दिया गया। अमित बालियान के कार्यकाल में ही फिलहाल सीरियल किलर कुलदीप के रूप में घटनाओं का खुलासा हो गया है। संवाद