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जमानत पर छूटे हत्या के आरोपी को मार डाला

Fri, 28 Aug 2015 01:31 AM IST
बरेली
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आंवला। अलीगंज थाना क्षेत्र में जमानत पर छूटे हत्या के आरोपी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उसका शव पड़ोस के गांव के रास्ते में पड़ा मिला। वह डेढ़ साल पहले ही जमानत पर रिहा हुआ था। मामले में गांव के ही चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतक मोबाइल टावर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।  
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 बुधवार रात में कल्याणपुर और पट्टी गांव के बीच पुलिस को सड़क किनारे एक युवक का शव मिला। सिपाहियों ने ग्रामीणों को बुलाकर पहचान कराई तो पता लगा कि शव बरा सिरसा निवासी सुनील सिंह यादव का है। सूचना पर सुनील के घरवाले आ गए। उन्होंने दूसरे पक्ष पर पुरानी रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाया। सुनील के चचेरे भाई भूरे सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि बुधवार शाम गांव के ही नरेश पाल यादव टावर से सुनील को बुला ले गए। आरोप है कि राम प्रसाद, उसके भाई हेतराम और बैटे यादराम के साथ मिलकर नरेश पाल ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने दबिश दी पर आरोपी अपने घरों पर नहीं मिले। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या करने की बात पुष्ट हुई है। शव पर कई खरोंचें थीं जिससे लग रहा था कि हत्या से पहले सुनील का हत्यारों से काफी संघर्ष हुआ होगा।  सुनील चार साल पहले हुई रामप्रसाद के बेटे पान सिंह की हत्या का आरोपी था। डेढ़ साल पहले वह जमानत पर छूटा था।


साइड स्टोरी
दबंग था सुनील, पुलिस पर भी की थी फायरिंग
राजपुर कलां। सुनील का आसपास के इलाके में खासा दबदबा था। इसी वजह से हत्यारोपी होने के बावजूद मोबाइल कंपनियों ने उसे सुरक्षा गार्ड की जिम्मेदारी दे रखी थी। एसओ ने बताया कि करीब दो साल पहले उसने पुलिस टीम पर भी फायरिंग कर दी थी, तब उसे तमंचा समेत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। चार साल पहले मेड़ को लेकर पानसिंह से उसका विवाद हुआ था। बाद में लाठी-डंडों से पान सिंह की हत्या कर दी गई। पान सिंह के घरवालों ने सुनील और उसके भाई नीरज के खिलाफ  रिपोर्ट कराई थी। सुनील करीब ढाई साल जेल काटकर आया। नीरज अभी भी जेल में है। सुनील के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। सुनील ही टावर पर नौकरी करके मां की देखभाल करता था। हालिया घटना में नामजद एक आरोपी नरेश पाल सुनील के कुनबे का ही है। बताते हैं कि खलिहान की एक सरकारी भूमि लंबे समय से नरेश पाल के कब्जे में थी। कुछ दिन पहले ही सुनील ने उस जगह को कब्जा कर वहां पौधे लगा दिए। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में मनमुटाव था। हत्या के बाद सुनील के घरवालों ने दोनों दुश्मन पक्ष नामजद करा दिए हैं। एसओ राजेश यादव ने बताया कि जांच में पता चला है कि टावर पर सुनील के पास हर तरह के लोग आते थे। ऐसे में हत्या नामजदों ने की है या किसी और ने यह गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा। गांव में फोर्स लगा दी है।
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