पाइप लाइन की मरम्मत के लिए सड़क खोदी और मलबा हाइवे पर जमा कर दिया। नगर निगम की इस लापरवाही ने एक नौकरीपेशा युवक की जान ले ली। बुधवार की रात मलबे से युवक की बाइक टकराई। वह गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और पीछे से आए वाहन उसपर से गुजर गए। युवक के परिवार वालों ने जलकल के एई समेत नगरनिगम के अफसरों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
शेरसिंह पुत्र अनोखे सिंह (35) निवासी करमपुर ठाकुरान आईवीआरआई से जुड़ी संस्था बीवीजी इंडिया में नौकरी करते थे। ड्यूटी करने के बाद वह रात करीब 9.30 बजे अपने घर जा रहे थे। बदायूं रोड पर सत्यम बारातघर के सामने हाइवे पर जमा मलबे से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल होकर मलबे के पास ही गड्ढे में गिर गए। जब तक कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते कि हाइवे पर उनके पीछे से आने वाले कई वाहन ऊपर से गुजर गए। इस हादसे ने उनकी जान ले ली। काफी देर बाद घटना की सूचना करगैना पुलिस चौकी को मिली। पुलिस ने शेरसिंह को निजी अस्पताल में ले गई जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों को हादसे में घायल होने की सूचना मिली। जब अस्पताल में युवक की मौत की बात पता चली तो लोगों ने इस घटना के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा भी किया। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिवार वालों ने देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार किया।
घर में अकेला कमाने वाला था शेर सिंह
शेर सिंह अपने घर में अकेला कमाने वाला था। घर में उसकी मां रंपा देवी, पत्नी अनीता सिंह, दो बेटियां काजल (15), सोहानी (10), बेटा गौरव (8) और रोहित (6) में हैं। वह आईवीआरआई से जुड़ी संस्था बीवीजी में प्राइवेट नौकरी करता था। ये संस्था बागवानी का काम करती है। शेर सिंह की कमाई से ही परिवार चलता था। सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार पर मानो बज्रपात हो गया।
मां और पत्नी बदहवास
सुबह करीब आठ बजे शेर सिंह की पत्नी अनीता अपने चारो बेटे बेटियों और रिश्तेदारों के साथ मिशन अस्पताल में पहुंची तो उनको घायल होने की खबर थी। रिश्तेदारों ने उसे बताया कि वह हादसे में घायल हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। बाद में जैसे ही अनीता ने पति की मौत की खबर सुनी तो वह बदहवास हो गई। बूढ़ी मां का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बहनोई कुवंरपाल सिंह समेत अन्य रिश्तेदारों ने किसी तरह संभाला।