फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: नदी किनारे बने भवनों के नक्शों को खंगाल रहा निगम, अभिलेख न देने वाले हो रहे चिह्नित

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बारिश के बाद किला नदी का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में हुए जलभराव के बाद निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। नगर निगम की ओर से किला नदी के किनारे बनाए गए भवनों के नक्शों को खंगाला जा रहा है। इसके लिए आठ टीमें लगाई गई हैं। सर्वे के दौरान जो भवन स्वामी अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, उन्हें भी चिह्नित किया जा रहा है। निगम का दावा है कि 10 दिन में जांच पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन

किला नदी का जलस्तर बढ़ने पर कर्मचारी नगर के आसपास की कॉलोनियों के साथ सैदपुर हॉकिंस, रेजीडेंसी गार्डन, लाजपत नगर, केसर वाटिका, त्रिवेणी एनक्लेव और किला क्षेत्र की बालाजी विहार कॉलोनी में जलभराव हुआ था। कई स्थानों पर पानी की निकासी में छह से सात दिन तक का समय लगा। इसके बाद नदी की जमीन पर निर्माण और किला नदी की घटती चौड़ाई को लेकर सवाल उठे।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नदी किनारे की भूमि का सीमांकन कराने के साथ भवनों के स्वीकृत मानचित्रों की जांच के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुसार नगरीय क्षेत्र में भवनों के नक्शों की जांच नगर निगम और नदी की भूमि का सीमांकन तहसील प्रशासन को करना है। नक्शे और सीमांकन के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि नदी किनारे भवनों का निर्माण निर्धारित सीमा के भीतर हुआ है या नहीं।
विज्ञापन


...................

15 दिन से चल रहा है सर्वे
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नक्शों की जांच का काम करीब 15 दिन से चल रहा है। आठ टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में भवनों के अभिलेख जुटाने के साथ मौके की स्थिति का मिलान कर रही हैं। करीब 10 दिन में सर्वे पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद बाढ़ खंड के अधिकारियों, सर्वेयर और मानचित्रकारों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बिना स्वीकृत नक्शे अथवा निर्धारित सीमा से बाहर निर्माण पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

..................

तहसील प्रशासन की ओर से सीमांकन का इंतजार

नदी किनारे भूमि का सीमांकन तहसील प्रशासन को करना है। निगम की ओर से भवनों के नक्शों की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन तहसील स्तर से सीमांकन की प्रगति अभी सामने नहीं आई है। दोनों रिपोर्ट मिलने के बाद ही निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें