नगर निगम में कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन धरना के बीच उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य उमेश कठेरिया उन्हें मनाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को नगर निगम में जो घटना घटित हुई है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त का व्यवहार से किसी को कोई समस्या नहीं होती है। कुछ लोग ऐसे हैं, जो नगर निगम की छवि खराब करना चाहते हैं।
धरना स्थल पर पहुंचे उमेश कठेरिया
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घटना के पीछे असामाजिक तत्व- कठेरिया
उमेश कठेरिया ने कहा कि विद्यार्थी परिषद अनुशासित संगठन है, लेकिन लगता है कि इस प्रकार की घटना में असामाजिक तत्व हैं, जो भीड़ का हिस्सा बनकर इस तरह का कृत्य करते हैं। कर्मचारियों की हड़ताल पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आंदोलन से समाज को दिक्कत होती है। धरने पर बैठे लोगों से बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाएगा। इस तरह की घटनाओं को समझदारी से समाधान कराने का काम हमारा है। उधर, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नगर निगम के बाहर वाहन खड़े रहे। शहर में कूड़ा नहीं उठाया गया।
कटरा चांद खा मार्ग पर मौर्या मंदिर के पास लगा कूड़े का ढेर
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शहर में दिखा हड़ताल का असर
निगम कर्मियों के साथ ही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरे दिन व्यापक असर दिखा। शहर के किसी हिस्से में झाड़ू नहीं लगी। मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों की सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहा। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी ठप रहा। हड़ताल में निगम के सभी वाहनों के चालक भी शामिल रहे। इसलिए सभी 800 वाहनों के पहिये थमे रहे। तीसरे दिन भी यही हाल रहा। बता दें कि रोज शहर से करीब 3000 टन कूड़ा निकलता है।