बरेली। शहर के गली-मोहल्लों में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर मजाक हो रहा है। टूटी सड़कों के नए निर्माण के लिए टेंडर तो हो रहे हैं, लेकिन कुछ जगह काम ही शुरू नहीं हो रहा। लोग गड्ढों के बीच खतरे भरा सफर कर रहे हैं। पार्षदों ने ऐसी दो सड़कों का मुद्दा उठाते हुए उनका जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
शास्त्री नगर के पार्षद गौरव सक्सेना ने बताया कि वार्ड 46 गांधीपुरम और वार्ड 49 शास्त्री नगर के मध्य की मुख्य सड़क विपिन अस्पताल से आंबेडकर पार्क तक जाती है। 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के बजट से सात महीने पहले इसके निर्माण की मंजूरी हुई थी। इस सड़क के लिए दो बार हुए टेंडर में तो ठेकेदार ही नहीं आए। तीसरी बार में टेंडर हुए, लेकिन अब काम नहीं हो रहा। वर्क आर्डर हुए एक महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन निर्माण विभाग से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
इसी तरह पार्षद नवल किशोर ने बताया कि चौधरी तालाब से कर्मचारी नगर चौराहे तक की 1200 मीटर लंबी सड़क तीन साल से खराब है। टेंडर हो चुके हैं, लेकिन वर्क आर्डर में फाइल फंसी है। अब देरी हो रही है। जनता को परेशानी है।
कोट-
अगर वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी कहीं काम शुरू नहीं हुआ है तो ठेकेदारों से बात करेंगे। ताकि काम शुरू हो और तय समय सीमा के भीतर सड़कों का निर्माण पूरा हो सके। -डीके शुक्ला, अधिसासी अभियंता, निर्माण विभाग
यहां भी बुरा हाल
- अलखनाथ मंदिर से हाटमैन पुल को जा रही सड़क पर पुल के पास सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई करके रास्ता रोका गया है। इससे आवागमन में बाधा है। तीन दिन से लोग परेशानी झेल रहे हैं। यह नहीं बताया गया कि कब तक सड़क का यही हाल रहेगा।
लोगों की बात
शास्त्री नगर और गांधीपुरम के मध्य की सड़क को कई साल से खस्ताहाल देख रहा हूं। नेता-अफसर सब इसी मार्ग से गुजरते हैं पर मार्ग बदहाल है?
अख्तर, दुकानदार
सड़क खराब होने से शास्त्रीनगर में कारोबार प्रभावित है। ब्यूटीपार्लर पर महिलाएं कम आती हैं। हम तो सोच रहे थे कि सड़क 2023 में बन जाएगी, लेकिन पूरा साल खाली बीत गया। -जूली, ब्यूटी पार्लर संचालक