अब सात जुलाई को होने वाली बैठक में भी इसे लेकर हंगामा होने के आसार
बरेली। नगर निगम शहर सीमा में स्थित 48 गांवों में अपनी संपत्ति नहीं ढूंढ पा रहा है। वर्ष 2020 में हुई नगर निगम बोर्ड बैठक में 48 गांवों में स्थित संपत्ति के चिह्नांकन का मुद्दा उठा था। अब सात जुलाई को फिर बोर्ड की बैठक होनी है। इसमें संपत्ति की रिपोर्ट सदन में रखी जानी है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी अब तक संपत्ति नहीं खोज पाए हैं।
नगर निगम बोर्ड की सात जुलाई को होने वाली बैठक में गांवों में स्थित संपत्ति को लेकर हंगामा होने के आसार है, क्योंकि निगम के अफसर अब तक 48 गांवों में अपनी संपत्तियां नहीं ढूंढ पाए हैं। मामला संज्ञान में आने पर बृहस्पतिवार को अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार ने बैठक बुलाकर अधिकारियों से नाराजगी जताई। कहा, 48 गांवों में नगर निगम की बेशकीमती जमीन है। इसका उपयोग दूसरे लोग कर रहे हैं, जबकि इस पर निगम का अधिकार है, लेकिन अब तक जमीन के आंकड़े नहीं जुटा पाए हैं।
अपर नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि तीन दिनों में गांवों से जुड़ी संपत्तियों की रिपोर्ट नहीं मिली तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि वर्ष 2020 में हुई बोर्ड बैठक के बाद संपत्तियों के चिह्नांकन के लिए नगर निगम ने दो टीमें बनाई थीं। इनमें से एक टीम का नेतृत्व सेवानिवृत्त तहसीलदार और दूसरी टीम का सेवानिवृत्त कर्नल को सौंपा गया था।