बरेली। नगर निगम सदन की बैठक सोमवार सुबह 11 बजे से होगी। इसमें पार्षद जनता के मुद्दे उठाएंगे। कई मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप के साथ बहस और हंगामे के आसार हैं। नामांतरण शुल्क, दुकानों का किराया व जुर्माने की रकम बढ़ाने, नई कंपनी को विज्ञापन का ठेका देने आदि के प्रस्तावों पर सदन मंथन करेगा। स्वीकृति की उम्मीद में कराए गए 58.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।
शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों पर डलावघर, वेंडिंग जोन की बदहाली, कुत्तों और बंदरों के आतंक, शहर के पुलों पर व्यू कटर न होने, टैक्स के बिलों में त्रुटियां, स्वकर फार्म के लिए समय सीमा बढ़ाने, वार्डों में विकास कार्य अधूरे होने, पार्कों की बदहाली आदि मुद्दों पर चर्चा होगी।
पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि दुकानों का किराया बढ़ाने के प्रस्ताव में संशोधन का प्रस्ताव अहम है। इस पर चर्चा कराएंगे। पार्षद रामपाल गंगवार ने कहा कि निगरानी सिस्टम ध्वस्त होने और कई इलाकों में सफाई व्यवस्था फेल होने का मुद्दा उठाऊंगा। पार्षद संतोष कश्यप ने बिहारीपुर पुलिस चौकी से चौपुला चौराहे तक अतिक्रमण का मुद्दा उठाने की बात कही।
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सार्वजनिक स्थल पर कुत्ते से कराई गंदगी तो देना होगा पांच हजार जुर्माना
बरेली। सार्वजनिक स्थलों पर पालतू पशु को छोड़ने पर पांच हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है। अभी यह रकम 200 रुपये प्रतिदिन है। नगर निगम सदन की मुहर लगते ही यह जुर्माना 25 गुना तक बढ़ जाएगा। बरातघरों के बाहर कूड़ा फेंकने पर जुर्माना दो हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिदिन करने का प्रस्ताव है। अन्य सावर्जनिक स्थलों पर कूड़ा आदि फेंकने पर भी जुर्माने की दरें बढ़ाई जाएंगी।
सड़क किनारे, आम रास्ते पर दुकानों के सामने स्थित सार्वजनिक जमीन पर निर्माण सामग्री रखकर बेचने पर 20,000 हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माने का प्रस्ताव है। प्रतिष्ठान पर डस्टबिन नहीं रखने पर पहली बार पांच सौ, दूसरी बार 15 सौ रुपये जुर्माना देना होगा। सार्वजनिक स्थल पर थूका तो 500 रुपये देना पड़ेगा। सड़क किनारे जनरेटर रखने पर उसकी क्षमतानुसार 10-30 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सदन की मुहर लगते ही नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। ब्यूरो
विभिन्न मदों में प्रस्तावित जुर्माना (प्रतिदिन)
- मीट-मुर्गे के अवशेष फेंकने पर अधिकतम जुर्माना दस हजार।
- वाहनों की मरम्मत के ब्ज्ञछ मोबिल और अन्य कचरा फेंकने पर दो हजार।
- मीट की दुकानों के सामने पशुओं के अवशेष फेंकने पर पर 10 हजार।
- अनधिकृत विज्ञापन पट लगाने, वालराइटिंग कराने पर दस हजार।
- आम रास्ते, फुटपाथ, सरकारी जमीन पर होटल-ढाबा संचालित करने पर पांच हजार।
- नर्सिंग होम अगर अपना कचरा फेंकते हैं तो 25 हजार।
- कचरे के साथ मेडिकल वेस्ट फेंकने पर 25 हजार।
- खुले में शौच करने पर एक हजार व खुले में पेशाब करने पर पांच सौ रुपये।