बरेली। नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग सुधारने में जुटा है। वर्ष-2024 में उसे 20वीं रैंक हासिल हुई थी। तब स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने नगर निगम को कुल 11 सेक्शन में जांच कर अंक दिए थे। इसमें सबसे खराब प्रगति कूड़ा उठान व सॉलिड वेस्ट निस्तारण के साथ एसटीपी में ट्रीटमेंट के बाद पानी के उपयोग में थी। इसमें सुधार नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
पिछली बार की रैंकिंग में कुल 12500 अंक में से जिले को 9913 अंक प्राप्त हुए थे। कुल 11 सेक्शन में 173 इंडीकेटर व कंटेंट को जांचकर स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम नंबर देती है। पिछली बार सड़क, नालों व कूड़े के निस्तारण के लिए 89.99 फीसदी अंक मिले थे। वहीं, घरों से अलग-अलग कूड़ा उठाने व परिवहन में 80.02 फीसदी अंक मिले थे। सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट में कूड़ा निस्तारण की प्रगति में 84.97 फीसदी अंक मिले। एसटीपी से मिलने वाले साफ पानी के उपयोग में 69.53 फीसदी अंक प्राप्त हुए थे। ब्यूरो
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इन बिंदुओं पर नगर निगम को मिले अच्छे अंक
सबसे बेहतर स्वच्छता के लिए पहल करने पर 97.92 फीसदी अंक, पारिस्थितिकी तंत्र पर शिक्षण संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान चलाने पर 100 फीसदी अंक मिले। इसी तरह शिकायतों के समय पर निस्तारण पर 91.01 फीसदी, सिटीजन फीडबैक में 91.01 फीसदी अंक मिले। सेफ्टिक टैंक को खाली करने में सिर्फ 10 फीसदी अंक की कटौती हुई।
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पिछले तीन साल में नगर निगम की स्वच्छता रैंकिंग
2022 में 137 रैंक, 2023 में 80 रैंक, 2024 में 20 रैंक थी। नगर निगम बरेली के सभी जोनों के सफाई निरीक्षकों, सफाई नायकों, सफाई मित्रों, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन संबंधी कार्मिकों आदि को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यशाला के माध्यम से बरेली नगर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) एवं गार्बेज फ्री सिटी बनाने की तैयारी है। समस्त सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन एवं शौचालयों के संचालन का कार्य कर रहीं संस्थाओं को उनके दायित्व एवं जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। समय-समय पर कार्यशाला के जरिए कर्मचारियों को सक्रिय किया जा रहा है।
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नगर निगम की तरफ से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए तैयारी की जा रही है। पिछली बार सबसे खराब प्रदर्शन अलग-अलग कूड़ा उठाने व निस्तारण, एसटीपी में निस्तारण के बाद साफ पानी के उपयोग में रहा। जिन बिंदुओं में कमी रह गई, उसमें सुधार करने के लिए पूरी रणनीति तय की गई है।
- राजीव कुमार राठी, अधिशासी अभियंता पर्यावरण, नगर निगम बरेली।