बरेली। नगर निगम का पुनरीक्षित बजट आंकड़ेबाजी में उलझ कर रह गया। आमदनी बढ़ाने की कोई जुगत नहीं है, पिछले साल जो पैसा खर्च नहीं हुआ उसे आय में जोड़ कर थोड़ा मुनाफा दिखाया गया है लेकिन सदस्यों के विरोध पर कटौती के बाद भी अफसर सड़क निर्माण, स्मार्ट सिटी, पेयजल, डोर टू डोर, लाइट और सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि के नाम पर करीब 89 करोड़ का व्यय स्वीकृत कराने में कामयाब रहे। आय पक्ष में नजारत, हाउस टैक्स, डोर टू डोर कूड़ा योजना और रोड कटिंग की रकम बढ़ाने की बात कही गई है।
मेयर डा. आईएस तोमर की अध्यक्षता में बुधवार अपराह्न तीन बजे प्रारंभ हुई कार्यकारिणी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2015-16 में विभिन्न मदों में संशोधन के बाद खर्च में 11.25 करोड़ बढ़ाने पर सहमति बनती दिखी लेकिन रोड कटिंग में 6.25 करोड़ कम कर दिए गए। इस तरह खर्च में पांच करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई और मूल बजट के 3.06 अरब को बढ़ा कर 3.11 अरब के खर्च का लक्ष्य तय किया गया। सदस्यों ने विवादित दुकानों का किराया न जमा होने, कृषि जमीन पर आय न बढ़ने और वधशालाओं से आमदनी लगातार कम होने पर चिंता जताई। लेखाधिकारी आरके गौतम ने राज्य और 13 वें वित्त में 26 करोड़ रुपये अधिक मिलने की उम्मीद जताई। इसे दोनों मदों की आमदनी में बढ़ाया भी गया। सदस्य राजेश अग्रवाल, कपिलकांत, सुखदीश कश्यप आदि ने नजारत, स्मार्ट सिटी, मरम्मत और अनुरक्षण, सफाई कर्मचारियों के वेतन, डीजल पेट्रोल, बिजली सामान खरीद और सड़क निर्माण मदों में मनमानी रकम की बढ़ोत्तरी का विरोध किया। सड़क निर्माण मद में 31.25 करोड़ से बढ़ाकर 56 करोड़ करने पर सदस्यों की मेयर और नगर आयुक्त से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में इसे घटाकर 48 करोड़ किया गया। लाइट प्रभारी बिजली के सामान की खरीद का ब्योरा नहीं उपलब्ध करा पाए। कार्यकारिणी में बिना प्रस्ताव स्वीकृत कराए बिजली पोल खरीदने पर सदस्यों ने तीखी आपत्ति जताई। कार्यकारिणी ने पार्षदों को 10-10 एलईडी लाइटें देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया।