इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि मुस्लिम स्कॉलर मुफ्ती सलमान अजहरी को साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसमें एटीएस का शामिल होना शक पैदा करता है कि उन्हें आतंकवादी साबित करने की कोशिश की जा सकती है। सलमान अजहरी आला हजरत के चाहने वाले हैं। अवाम की जिम्मेदारी है कि उनके साथ मजबूती से खड़े हों और उनकी रिहाई के लिए आगे आएं।
आईएमसी प्रमुख ने कहा कि सलमान अजहरी की गिरफ्तारी सूफिज्म पर हमला है। इस गिरफ्तारी का विरोध करने वाले मुसलमानों पर लिखे गए मुकदमे इस बात का सबूत हैं कि सरकार हमसे नफरत कर रही है। जुल्म के खिलाफ संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराना बहुत जरूरी है। खामोशी से जुल्म सहते रहना भी संविधान का अपमान है।
खानकाह तहसीनिया के प्रबंधक व इत्तेहाद-ए-अहले सुन्नत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सोहैब रजा खान ने उलमा-ए-अहले सुन्नत को सताने का आरोप लगाया। कहा कि देश में नाइंसाफी चरम पर है। कभी मस्जिद मे मूर्तियां रखवाकर तो कभी बुलडोजर चलाकर हमारी इबादतगाहों को ढहाया जा रहा है। यह कतई जायज नहीं है।