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मुफ्ती-ए-आजम हिंद का तरीका इख्तेयार करें

Wed, 28 Oct 2015 02:25 AM IST
बरेली
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बरेली। मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती में मौलाना अहसन रजा कादरी की सदारत में सबसे पहले कुरान ख्वानी हुई फिर अकीदत मंदों ने नात ओ मनकवत का नजराना पेश किए। हाजी गुलाम सुब्हानी और उनकी पार्टी ने मीलाद शरीफ का प्रोग्राम पेश किया। बाद नमाजे ईशा जलसे का आगाज कालम ए पाक से हुआ। राष्ट्रीय महासचिव मुफ्ती मो. सलीम नूरी ने देश विदेश से आए अकीदतमंदों का स्वागत किया। सुब्हानी मियां ने प्रथम स्थान पाने वाले मो. हबीब उर रहमान व द्वितीय स्थान पाने वाले मो. रमजान को इनाम दिया। रजा एकेडमी मुम्बई की तरफ से शहर बरेली की मस्जिदों के सारे इमामों को एक-एक कंबल प्रदान किया। अकीदतमंदों को लंगर तकसीम किया गया।
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जिक्रे शहीदे आजम और जश्ने दस्तारबंदी
बरेली। मदरसा इस्लाहे मिल्लत पुर्बा बब्बन खां सुभाषनगर में जिक्रे  शहीदे आजम और जश्ने दस्तारबंदी का प्रोग्राम हुआ। मौलाना अदनान रजा कादरी की सरपरस्ती में मुकर्रिर मुफ्ती वली मोहम्मद साहब रामपुरी और मौलाना फारुक रजा कादरी ने हजरत इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली। मौलाना अदनान रजा ने साकिब रजा, मो. अहमद, मो. फैजान, मोनिस अली, नूर फातिमा, महविश और नेहा की दस्तारबंदी की।

हजरत इमाम हुसैन की याद में बज्मे शोहदाये करबला
बरेली। दरगाह हजरत ख्वाजा नासिर मियां स्थिति नौमहला मस्जिद में प्रतिवर्ष की तरह 13 मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन की याद में बज्में शोहदाये करबला मनाया गया। बाद फातहा ख्वानी तमाम हाजरीन, मुल्क व मिल्लत के लिए दुआएं की गईं।
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