बंशीनगला में जलभराव से लोगों का निकलना हुआ दुश्वार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दो दिन की बारिश से ही बिगड़ी शहर की हालत
बरेली। सरकार और अफसरशाही के दावों के बाद शहर के लोग स्मार्ट सिटी का सपना देख रहे थे लेकिन कई सालों में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद यह सपना फाइलों में गुम होकर रह गया है। दो दिन बारिश के बाद जब सड़कों पर हर तरफ कीचड़, दलदल और जलभराव जैसे हालात दिखे तो लोगों को एक बार फिर स्मार्ट सिटी के वादे याद आ गए।
बारिश ने पूरे शहर को नरक बना दिया। सर्वाधिक आवाजाही वाले मुख्य रास्तों पर सबसे ज्यादा मुसीबतें बढ़ गईं। चौपुला के पास दलदल बन गया है। यहां बिहारीपुर मोड़ के थोड़ा आगे सड़क टूट जाने से जलभराव हो गया। इस सड़क पर पहले ही एक लेन पर ही ट्रैफिक गुजर रहा है। बारिश होने के बाद लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं। सिटी स्टेशन के सामने सड़क पर भी यही हाल रहा। गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को इसी मुश्किल से गुजरना पड़ा। हजियापुर की गलियों में शुक्रवार को भी पानी भरा रहा और लोग दिनभर पानी में होकर ही गुजरते रहे। ईसाईयों की पुलिया से कंपनी बाग तक खोदकर छोड़ी गई सड़क का हाल और ज्यादा खराब हो गया। सड़क के बीच जहां सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी का भराव किया गया है, वहां दलदल हो गया। सड़क के बाकी हिस्से में भी मिट्टी से कीचड़ भर गया तो लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
हर साल झेलते हैं यही समस्या
नालों की सफाई कभी ठीक से नहीं की जाती। ऊपर दिखने वाला कूड़ा हटा लिया जाता है लेकिन नीचे जैसे का तैसा छोड़ दिया जाता है। किस तरह सफाई की गई थी, यह बारिश होने के बाद उफनकर बह रहे नालों को देखकर समझा जा सकता है। -मिराज उर्फ गुड्डू, नई बस्ती
नालों की पुलिया के नीचे कभी सफाई नहीं होती है। कहने को इसी सप्ताह सफाई की गई लेकिन पुलिया के नीचे अब भी गंदगी भरी हुई है। यही कारण रहा कि कूड़ा पुलिया के नीचे जाकर जमा हो गया और नाले उफनकर बहने लगे। -असलम, नई बस्ती
यहां तो हर साल जलभराव होता है। नगर निगम ने संपवेल लगवाया मगर उसका कोई फायदा नहीं दिखाई दिया। जलभराव इस बार भी हुआ और कई घंटे तक सड़क पर पानी रहा। -दानिश, हजियापुर
यहां लोगों के लिए जलभराव नया नहीं है। हम लोग निगम से कहते-कहते थक गए लेकिन गलियों में नालियों की सफाई नहीं हुई। बड़े नाले भी ठीक से साफ नहीं किए गए। गंदगी से लोग दिनभर जूझते रहे। -सिरातुल, हजियापुर