शिक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति तभी बदलेगी, जब सत्ता और प्रशासन में बैठे लोगों के बच्चों का भविष्य भी इन्हीं स्कूलों से जुड़ेगा। आजाद ने सवाल उठाया कि जब नीति बनाने वालों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तो इन संस्थानों को बेहतर बनाने की जवाबदेही कैसे बनेगी। उन्होंने सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर भी सरकार को घेरा। आजाद ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा जनता का अधिकार है, कोई एहसान नहीं। इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने एक मैरिज लॉन में जनसभा को संबोधित किया। इसमें हजारों कार्यकर्ता जुटे।