सबकुछ ठीकठाक रहा तो मां पूर्णागिरी के भक्तों की राह जल्द ही आसान हो जाएगी। बसों में धक्के खाने के बजाय वे ट्रेन में आराम से दर्शन करने टनकपुर तक पहुंचेंगे। मझोला से टनकपुर तक का रेलवे ट्रैक ब्रॉडगेज में कन्वर्ट होने के बाद बृहस्पतिवार को उस पर 105 किमी की गति से इंजन दौड़ाया गया। रेलवे अधिकारियों ने इस स्पीड ट्रायल के सफल रहने का दावा किया है। अब केंद्रीय संरक्षा आयुक्त के 29 और 30 दिसंबर को प्रस्तावित निरीक्षण के बाद इस ट्रैक पर यात्री गाड़ी दौड़ाई जाएगी। बताया जा रहा है कि जनवरी के पहले सप्ताह में यात्री गाड़ी के ट्रायल की संभावना है।
इज्जतनगर मंडल कार्यालय के मुताबिक बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे इंजन मझोला से चला था। इस दौरान इसे 80 से 105 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। मझोला से टनकपुर की दूरी सवा घंटे में पूरी करते हुए इंजन 12:15 बजे टनकपुर पहुंच गया। इसके बाद वापसी में इंजन 100 से 105 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अपराह्न दो बजे मझोला पहुंचा। इस दौरान इंजन में उप मुख्य सिग्नल इंजीनियर जेपी शर्मा, सीनियर सेक्शन रेलपथ निरीक्षक रियाज अहमद और यातायात निरीक्षक संजीव अग्रवाल मौजूद रहे। इंजन लोको पायलट महेंद्र सिंह और असिस्टेंट लोको पायलट रामकृष्ण ने चलाया।
सीआरएस निरीक्षण के बाद चलेंगी पैसेंजर गाड़ियां
अधिकारियों के मुताबिक, सीआरएस निरीक्षण के बाद पहले टनकपुर से पीलीभीत, बरेली और कासगंज तक पैसेंजर गाड़ियां संचालित होंगी। भोजीपुरा-पीलीभीत तक करीब 39 किमी लंबे ट्रैक, पीलीभीत से मझोला तक 25 किमी लंबे ट्रैक को ब्रॉडगेज करने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। अब मझोला से टनकपुर तक 35 किलोमीटर लंबे ट्रैक के ब्राडगेज होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद बरेली के यात्रियों को टनकपुर तक सीधे जाने में आसानी होगी।