आंवला/सिरौली/अलीगंज/ बिशारतगंज। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को घटस्थापना के साथ देवी मां के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। मां की अराधना के लिए देवी मंदिरों में सुबह से ही भीड़ नजर आई। भक्तों ने कतार में लगकर देवी माता के दर्शन करने के बाद विधि-विधान से पूजा की। चुनरी व नारियल के साथ ही अन्य सामग्री अर्पित की।
घरों में कलशस्थापना के बाद मां की ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। अग्नि में आहुतियां देकर श्रद्धालुओं ने हवन किया। सिरौली के धर्मशाला देवी, रामलीला नौ देवी आदि मंदिरों में ज्वाला जी से अखंड ज्योति आई। इसके बाद महाआरती हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। शाम को मंदिरों में महिलाओं ने कीर्तन किए।
अलीगंज में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों के बाहर दिखी। मंदिरों के आसपास फूलमाला, नारियल, चुनरी सहित अन्य चीजों की दुकानें सजी थीं। बिशारतगंज के मंदिरों में भी सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उपवास रखकर माता की अराधना की।
आंवला में मंदिरों की आकर्षक सजावट की गई। मोहल्ला गंज स्थित गायत्री शक्ति पीठ पर हुए यज्ञ में साधकों ने आहुतियां डालीं। यहां पर डॉ. विनीत विद्यार्थी दर्शन शास्त्री ने कहा कि मां दुर्गा शक्ति, भक्ति और मुक्ति प्रदान करती हैं। माता की उपासना करने वाले की दुर्गति नहीं होती है।