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Bareilly News: प्रेम प्रसंग में फंसाकर युवक की हत्या कर नदी में फेंका था शव, दोषी मां-बेटे को उम्रकैद

Sat, 28 Mar 2026 12:25 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में युवक की हत्या के दोषी मां-बेटे को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों ने अक्तूबर 2021 में वारदात को अंजाम दिया था। जानिए पूरा घटनाक्रम 
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जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में साल 2021 में एक युवक की हत्या कर शव किला नदी में फेंक दिया गया। अदालत ने हत्याकांड कर शव छुपाने के दोषी मां-बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रेमनगर के रामलीला गौटिया निवासी हरप्रसाद ने वर्ष 2021 में किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बेटे पंकज मौर्य को किला छावनी निवासी मंजू ने प्रेमजाल में फंसा लिया था। पंकज की कमाई को मंजू और उसके बेटे करन व अर्जुन हड़प लेते थे। खर्च के लिए रुपये नहीं देने पर मंजू और उसके दोनों पुत्र पंकज की पिटाई करते थे। 

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एक अक्तूबर 2021 को पंकज की जमकर पिटाई की गई। इस बारे में उसने अपनी बहन को फोन कर बताया और जल्दी आने के लिए कहा था। इस बीच पंकज का फोन बंद हो गया। चार अक्तूबर 2021 को पंकज का शव किला नदी में मिला था। हरप्रसाद की तरफ से मंजू और उसके पुत्र करन, अर्जुन पर हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने मंजू और उसके पुत्र अर्जुन के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश्वर पांडेय की अदालत में अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। अदालत ने मंजू और अर्जुन को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए मंजू और अर्जुन को पांच-पांच साल की अतिरिक्त सजा सुनाई और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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25 साल के पंकज को प्रेमजाल में फंसाकर कर दी थी हत्या
25 साल के कुंवारे पंकज को 45 साल की मंजू ने रुपये की खातिर प्रेमजाल में फंसाया था। पंकज अविवाहित था, जबकि मंजू चार बच्चों की मां थी। मंजू के बच्चे उम्र में पंकज से कुछ ही साल छोटे थे। पंकज के परिजन बेमेल जोड़ी का विरोध करते थे। बाद में जब रुपये देने से मना किया तो मंजू ने अपने बेटे अर्जुन के साथ मिलकर गमछे से गला दबाकर पंकज की हत्या कर दी थी। ठेले के सहारे पंकज के शव को ले जाकर किला नदी में फेंक दिया था। मंजू ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या का आरोप अपने विरोधियों पर लगाया था, लेकिन पंकज के पिता हरप्रसाद ने मंजू और उसके पुत्रों पर ही रिपोर्ट कराई। इसके बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया था।
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