पहले ट्रेन से कटने का इरादा था
सरला के मुताबिक पहले रजनी ने ट्रेन से कटकर जान देने को कहा, पर उन्होंने इन्कार कर दिया। बाद में वह उनसे सौ रुपये लेकर गई और सल्फास की गोलियां खरीद लाई। एक गोली रजनी ने खा ली। जब बेटी की हालत बिगड़ी तो दो गोली उन्होंने खा लीं।
इसके बाद उन्हें होश नहीं कि कब और किसने उन्हें भर्ती कराया। जिला अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों व तीमारदारों ने मां-बेटी को समझाया कि जान देना किसी समस्या का हल नहीं है। तब दोनों को गलती का अहसास हुआ। रजनी ने कहा कि वह भविष्य में ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी।