अलीगंज (बरेली)। गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में शनिवार को प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत हो गई। महिला के पति ने झोलाछाप टीम और गांव की आशा कार्यकर्ता पर कमीशन के लिए भर्ती कराने का आरोप लगाया है। पोस्टमाॅर्टम में अत्यधिक रक्तस्राव से महिला की मौत होने की पुष्टि हुई है।
पोस्टमाॅर्टम हाउस पर मिले जोगीठेर गांव निवासी द्वारका प्रसाद ने बताया कि पत्नी रिंकू देवी (21) को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव में एक आशा के कहने पर वह रिंकू को गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि शनिवार को अस्पताल में योग्य चिकित्सक के बजाय झोलाछाप व अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रसव कराया।
इससे पहले किसी प्रकार के जोखिम की जानकारी भी नहीं दी। प्रसव के बाद बताया गया कि नवजात मृत है। परिजन ने उसको दफना दिया। तबीयत बिगड़ने के बावजूद रिंकू को रेफर नहीं किया गया। शाम को अत्यधिक रक्तस्राव होने से उनकी तबीयत और बिगड़ गई।
इसके बाद परिजन उनको बरेली के निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रिंकू ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। द्वारका प्रसाद ने ब्रह्मदेव अस्पताल के संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि गर्भस्थ शिशु को जबरन बाहर निकाला गया। उसकी मौत दम घुटने से हुई है। वहीं, हालत की गंभीरता से परिजन को सही से अवगत नहीं कराया गया।
वर्जन
महिला के शव का पोस्टमाॅर्टम कराया गया है। परिवार ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी
आठ माह की गर्भवती की मौत, दहेज हत्या का आरोप
फरीदपुर। कस्बावासी आठ माह की गर्भवती आरती (30) की शनिवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायके वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पीटकर हत्या का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम में बीमारी से मौत की पुष्टि हुई है। फेफड़े खराब पाए गए।
बरेली के मोहल्ला सतीपुर चौराहा निवासी रमेश राठौड़ ने बताया कि बहन आरती की शादी नवंबर 2025 में फरीदपुर के एक मोहल्लावासी युवक से हुई थी। आरोप है कि पति समेत ससुराल वाले आरती से दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित किया। गर्भावस्था में भी से मारपीट की गई। शुक्रवार को पीटकर जबरन कपड़े धुलवाए गए। इस कारण आरती की हालत बिगड़ती गई। शनिवार को मायके वाले उसकी ससुराल फरीदपुर पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। बाद में पता चला कि पति आरती को लेकर रुद्रपुर में किराये के मकान में रह रहा था। परिजन वहां पहुंचे तो आरती मृत अवस्था में मिली। वहीं, ससुराल पक्ष ने पुलिस को बताया कि आरती को श्वसन संबंधी बीमारी थी। रुद्रपुर से उनका इलाज चल रहा था।
फर्जी दस्तावेज से कर्ज लेने का आरोप
रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि दामाद ने कुछ दिन पहले आरती के फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र का इस्तेमाल किया। उसने समूह से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था। भाई ने इस मामले को भी संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है। सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। प्रथम दृष्टया मामला दहेज हत्या का प्रतीत नहीं हो रहा है। हालांकि, तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।