आंख के आपरेशन में सरकारी डॉक्टरों से ज्यादा भरोसेमंद निजी डॉक्टर
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सरकारी अस्पताल में लगने वाली भीड़ पर न जाएं। यहां आंख के आपरेशन के लिए अभी भी मरीजाें की संख्या काफी कम है। पूरी तरह निशुल्क होने के बावजूद भी आंख के आपरेशन में लोग अभी भी सरकारी डॉक्टरों से ज्यादा निजी डॉक्टरों पर भरोसा करते हैं। राष्ट्रीय अंधता निवारण के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। मार्च माह में जहां जिला अस्पताल में 331 आपरेशन हुए हैं। वहीं स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा 422 आपरेशन और निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों द्वारा 1469 आपरेशन किए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आंखाें में मोतियाबिंद के निशुल्क आपरेशन के अलावा इसके तहत स्कूलों में बच्चाें का नेत्र परीक्षण किया जाता और चश्मा भी वितरित होता है। निजी क्षेत्र और संस्थाआें को भी इसमें जोड़ा गया है। जिला अस्पताल में चार डॉक्टर हैं। डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. एके गौतम, डॉ. संजय कुमार, डॉ. वर्षा ने कुल 331 आपरेशन किए हैं। सबसे अधिक आपरेशन डॉ. गौतम ने 209 किए हैं, जबकि 63 आपरेशन डॉ. हर्षवर्धन ने और डॉ. संजय कुमार ने 59 आपरेशन किए हैं। डॉ. वर्षा ने शून्य आपरेशन किए हैं। निजी अस्पतालाें में 1469 आपरेशन किए गए हैं।
- स्वैच्छिक क्षेत्र में भी आपरेशन कम
रुहेलखंड चेरीटेबिल ट्रस्ट- 75
गंगाशील चेरीटेबिल ट्रस्ट- 14
एसआरएमएस ट्रस्ट- 227
महेंद्र गायत्री फाउंडेशन- 11
सेवा वेलफेयर सोसाइटी- 95