बरेली। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद अनाधिकृत ऑटो और ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिले में चार हजार से ज्यादा अपंजीकृत और अवैध ऑटो, ई-रिक्शा हैं, लेकिन दो दिन के अभियान के दौरान केवल 11 को ही सीज और 46 का चालान किया गया है। मंडल में यह आंकड़ा 85 और 162 है।
परिवहन विभाग में नौ हजार से ज्यादा ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि सड़कों पर 13 हजार से ज्यादा दौड़ रहे हैं। काफी संख्या में ऐसे ऑटो, ई-रिक्शा भी हैं जो खटारा हो चुके हैं। उन पर रजिस्ट्रेशन प्लेट भी नहीं है। इसके अलावा ज्यादातर ई-रिक्शा चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही ई-रिक्शा दौड़ाते हैं। इतना ही नहीं नाबालिगों के हाथों में भी स्टेयरिंग दे दिया जाता है। अगस्त 2023 में कलर कोडिंग से ऑटो, ई-रिक्शा का संचालन करने की कवायद शुरू हुई थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ सकी। संवाद
दूसरे दिन मंडल में 96 चालान, 48 ई-रिक्शा सीज
बरेली। परिवहन विभाग की टीमों ने बुधवार को दूसरे दिन मंडल में 96 ई-रिक्शा का चालान किया और 48 को सीज कर दिया गया। तीन नाबालिग भी ई-रिक्शा चलाते मिले। आरटीओ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को बरेली में 36 चालान व चार सीज, बदायूं में 25 चालान और 17 सीज, पीलीभीत में 10 चालान व नौ सीज, शाहजहांपुर में 25 ई-रिक्शा का चालान किया गया और 18 को सीज कर दिया गया। संवाद