बरेली में स्मैक बरामदगी दिखाकर जेल भेजे गए सट्टेबाज अफसर खां ने सोमवार को एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिलकर अपने साथ हुई कारस्तानी की शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर सीओ टू ने जांच शुरू कर दी। अफसर खां ने सीओ टू को बताया कि आईपीएल सट्टा लगाने वाले के जरिये महीने की वसूली होती थी।
अफसर खां ने एसएसपी को बताया कि वह उनसे मिलने के लिए तीन दिन से आ रहा था, लेकिन रोज लेट होने से वह नहीं मिल पा रहे थे। उसे उन्हीं से न्याय की उम्मीद है। बताया कि जखीरा निवासी युवक आईपीएल सट्टा कराता है। उसी के जरिये चौकी वाली मैडम (महिला दरोगा) से परिचय हुआ और कुछ महीने उसने सट्टे की खाईबाड़ी की। इसी के जरिये महीने की वसूली होती थी। जब वह खुद फंसने लगी तो स्मैक बरामदगी दिखाकर उसे जेल भेज दिया।
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एसएसपी का सख्त रुख बताकर मैडम ने ही उसे कुछ दिन बाहर जाने के लिए कहा था। वह एक बार अजमेर और फिर कलियर शरीफ गया। वहां से लौटकर काम बंद कर रखा था, लेकिन चौकी के पास पान का खोखा चलाने वाले शख्स ने मैडम को उकसाया कि अफसर से वसूली करो। मैडम ने पूछा तो उसने काम बंद होने की बात कही।
तब मैडम ने आईपीएल वाले सट्टेबाज से उसे कॉल कर चौकी बुलाया और थाने ले जाकर स्मैक बरामदगी दिखा दी। कहा कि वह अक्सर चौकी जाता था, वहां की सीसीटीवी फुटेज और उसके पास आने वाली कॉल व मैसेज की जांच करा ली जाए। मांग की कि सभी दोषियों पर कार्रवाई हो। एसएसपी के निर्देश पर सीओ टू राजकुमार मिश्रा ने तत्काल जांच शुरू कर अफसर के बयान दर्ज किए।