बरेली। सोमवार शाम झमाझम बारिश के साथ मानसून ने दस्तक दी। रुक-रुककर बारिश का सिलसिला रातभर जारी रहा। इससे लोगों को गर्मी से खासी राहत मिली, पर निचले इलाकों में जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग ने तीन दिन तक यलो अलर्ट जारी कर मेघ गर्जन, बिजली गिरने और झमाझम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
इधर, मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम के नाला सफाई के दावों की बखिया उधेड़ दी। सड़कों पर जलभराव हो गया। पुराने शहर के कई इलाकों की स्थिति दयनीय हो गई। हजियापुर, सुभाषनगर, सिकलापुर, मीरा की पैठ, जगतपुर, एजाजनगर गौटिया, जखीरा, घेर शेख मिट्ठू, मलूकपुर, बिहारीपुर, सकलैन नगर, जोगी नवादा और चक महमूद में जनता को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि अगर नालों और नालियों की सफाई ठीक तरीके से होती तो यह हाल न होता। हजियापुर निवासी नजमी खान और मोविन अल्वी ने कहा कि जल निकासी का सिस्टम फेल हो गया है। पार्षद तो सिर्फ नाम के लिए हैं। वह भी हालात को अधिकारियों पर टाल देते हैं।
शहर के कुंवरपुर, जसौली, मढ़ीनाथ, नेकपुर, सिटी स्टेशन के सामने, कुतुबखाना,संजय नगर, सतीपुर, इज्जतनगर, मठ लक्षमीपुर, बाकरगंज, सिकलापुर, रामपुर गार्डन, मॉडल टाउन, मुंशीनगर और सौ फुटा रोड पीलीभीत बाइपास रोड के आसपास की कॉलोनियों में जलभराव होने की शिकायतें सामने आई हैं। इनमें से कहीं घंटे भर तो कहीं तीन से चार घंटे में जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल सका।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक बरेली में 20 जून से ही मानसून हावी होने की परिस्थितियां बन गई थीं, लेकिन दो दिनों तक उच्च वायुदाब का क्षेत्र बना रहा। सोमवार सुबह निम्न वायुदाब का क्षेत्र बना। दोपहर में तेज हवा के साथ बादल मंडराने लगे। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री गिरावट के बाद सामान्य से एक डिग्री अधिक 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हवा में नमी 67 फीसदी रही।