कैबिनेट मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा। कहा कि वह देश को बिना बताए दुश्मन मुल्क में क्यों चले गए। पाकिस्तान में नवाज शरीफ के कमरे में उनके साथ दो अन्य लोग कौन थे। देश को इस बारे में जानने का हक है। पीएम को नवाज शरीफ के कमरे की तस्वीर सार्वजनिक करनी चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए आजम खां ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को दुश्मन मुल्क में खरोंच भी आ जाती तो हिंदुस्तान में मुसलमानों का कत्लेआम हो जाता। ये राष्ट्र के साथ धोखा है। इस पर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जिंदल और अडानी के कहने पर पाकिस्तान गए थे। जिस कमरे में पीएम थे, उसकी फोटो अब तक रिलीज नहीं हुई क्योंकि वहां दाऊद भी था। सबूत के बारे में पूछने पर कहा कि मुझे इतना बेवकूफ क्यों समझ रखा है। वह सबूत क्यों दें। सबूत पीएम को खुद देने चाहिए। पीएम की किसान कल्याण रैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या वह किसानों को 20-20 लाख रुपये, दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी और 24 घंटे बिजली दे गए हैं। नहीं, पीएम राज्य सरकार से कह गए हैं कि वह किसानों का फसल मुआवजा बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दें। जब देश के प्रधानमंत्री के हाथ कटोरा है तो हमारा (यूपी सरकार) का क्या होगा। आजम ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में डीजल पेट्रोल इतना सस्ता है लेकिन देश में तेल अब भी महंगा बेचा जा रहा है। गरीबों का ये पैसा पूंजीपतियों के पास जा रहा है।गाय और गंगा के बारे में कहा कि भाजपा विधायक खुद स्लाटर हाउस चलवाते हैं। बदनाम दूसरों को करतेे हैं। आजम ने कहा कि राष्ट्रवाद आरएसएस का नारा नहीं है। ये आजादी के पहले हिंदुओं और मुसलमानों की एकता के लिए दिया गया था। भाजपा ने दिलों को बांट दिया। मुजफ्फरनगर दंगों में हाथ होने के आरोपों के बारे में कहा कि अगर उनका गुनाह साबित हो जाए तो कुतुब मीनार पर फांसी दे दो।
पाकिस्तान में होते तो वहां पीएम होते
आजम ने कहा कि भाजपा के लोग उनको पाकिस्तान भेजने की बात करते हैं। क्या पाकिस्तान उनको ले लेगा। नवाज शरीफ को तो ये सुनकर ही बुखार आ जाएगा क्योंकि पाकिस्तान चले गए तो वहां के पीएम हो जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में कहा कि सपा का मुकाबला सांप्रदायिक ताकतों से है। सबको एकजुट होकर चुनाव लड़ना है। यूपी और बिहार से एक भी शहर स्मार्ट सिटी के लिए चयनित न करके भाजपा सरकार ने चुनावी जंग आसान कर दी है। अब यूपी में भाजपा की सरकार कभी नहीं बनेगी। प्रधानमंत्री किसान रैली में नहीं बल्कि चुनाव रैली में आए थे।
ये मौजूद रहे
मीटिंग में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव, मेयर डा. आईएस तोमर, पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार, विधायक अताउर्रहमान, शहजिल इस्लाम, सियाराम सागर, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह, आबिद खां, घनश्याम लोधी, हरीशंकर यादव, प्रमोद विष्ट, संजीव यादव, पार्षद राजेश अग्रवाल, शमीम अहमद, अशोक यादव आदि शामिल थे। संचालन जफरबेग ने किया।