उत्तराखंड में सरकार गिराने की साजिश के लिए कांग्रेसियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ सोमवार को सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करके जोरदार प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट बंद कर रोक लिया तो वे पुलिस वालों से भिड़ गए और धरना देकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के साथ ही पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। एसीएम ज्ञापन लेने पहुंचे तो कार्यकर्ता डीएम से ही मिलकर ज्ञापन देने पर अड़ गए। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कोई विश्वास नहीं रह गया है इसीलिए जनमत हासिल करने वाली कांग्रेस और गैरभाजपाई राज्य सरकारों को सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से हटाने की साजिश रची जा रही है। जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय और महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम ने कहा कि भाजपा अब कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से बौखला गई है। पैदल मार्च और प्रदर्शन में प्रदेश सचिव अनुज गंगवार, डॉ. नीतू मेहरोत्रा, डॉ. चारू मेहरोत्रा, शकुंतला जौहरी, कौशल अग्रवाल, अभय शर्मा, मुकेश वाल्मीकि, जियाउररहमान, नत्थूलाल मिश्रा, रामआसरे लाल, चमनलाल शिवाजी, अयाज बाबा, राशिद अली, संजय श्रीवास्तव, नौबतराम सागर, प्रदीप कुमार, अब्दुल रहमान आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।