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Mockdrill: बरेली में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कितना तैयार स्वास्थ्य विभाग, मॉकड्रिल से परखे इंतजाम

Tue, 11 Apr 2023 06:27 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में मंगलवार तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में मॉकड्रिल शुरू हुई। दवाएं और उपकरण तो दुरुस्त हैं, लेकिन चिकित्सकों और तकनीशियन की कमी से किसी संक्रमित के भर्ती होने पर उसे इलाज मुहैया कराने की चुनौती है।
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने परखे इंतजाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के बढ़ रहे केस के चलते संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को बरेली के कोविड अस्पताल और वार्ड में व्यवस्थाएं परखी गईं। डमी कोरोना संक्रमित अस्पताल तक पहुंचाने, भर्ती करने के दौरान जांच और इलाज शुरू करने में स्टाफ पास रहा। लेकिन चिकित्सकों और तकनीशियन की कमी से किसी संक्रमित के भर्ती होने पर उसे इलाज मुहैया कराने की चुनौती है।

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निर्देशानुसार मंगलवार तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में मॉकड्रिल शुरू हुई। प्रभारी एडी हेल्थ डॉ. एके चौधरी, सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह, एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया। सुबह 11 बजे एंबुलेंस से डमी कोरोना संक्रमित अस्तपाल पहुंची। मौजूद स्टाफ ने उसका तापमान, पल्स और लक्षण आदि की जानकारी दर्ज की। फिर वार्ड में भर्ती कराया। 

अधिकारियों ने स्टाफ को परखा 

अधिकारियों ने मौजूद स्टाफ नर्स से उपकरणों के संचालन संबंधी जानकारी मांगी। वाइपैप लगाने, ऑक्सीजन सिंलिंडर चालू करने, मरीजों के अलग-अलग लक्षण पर कौन सी दवा दी जाएगी और किस उपकरण को कितनी देर तक प्रयोग करना है आदि जानकारियों पर पूछताछ की। सभी सवालों के संतोषजनक जवाब मिले।

मॉकड्रिल के दौरान डमी मरीज - फोटो : अमर उजाला
डॉ. अकीक ने अधिकारियों को उपकरणों के संचालन के लिए स्टाफ के प्रशिक्षण की जानकारी दी। मगर किसी संक्रमित के भर्ती होने पर उनके इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और उपकरण संचालन के लिए तकनीशियन की कमी के बारे में बताया। एडी हेल्थ ने शासन को भेजी जाने वाली जांच रिपोर्ट में स्टाफ और डॉक्टर की कमी के जिक्र करने की बात कही।

बेड पर मौजूद नहीं थी चादर, नहीं जली लाइट

निरीक्षण के दौरान कुछ बेड पर पुरानी चादरें बिछी हुई मिलने पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताते हुए तत्काल बदलने के निर्देश दिए। एक कक्ष में लाइट नहीं जली। स्टाफ को बुलाकर लाइट ऑन कराने की कोशिश की गई पर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद सभी आईसीयू पहुंचे और स्टाफ से वेंटीलेटर ऑन करने, उपकरणों को कनेक्ट करने समेत अन्य जानकारियों पर पूछताछ की। कुछ जगहों पर सफाई का अभाव रहा।
 
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ऑक्सीजन आपूर्ति सुचारू, स्टाफ प्रशिक्षित

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तीन सौ बेड के अलावा सीएचसी मीरगंज, राजश्री मेडिकल कॉलेज, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, सीएचसी शीशगढ़ बहेड़ी, आंवला, एसआरएमएस में बने कोविड वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर सुविधाएं संतोषजनक मिलीं। कुछ छिटपुट खामियां मिली हैं वह जल्द दूर करा दी जाएंगी। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

दवाओं के लिए काउंटर पर लगी लंबी कतार

तीन सौ बेड अस्पताल में एक ओर अफसर कोरेाना की व्यवस्थाएं परख रहे थे तो दूसरी ओर, ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों की कतार लगी थी। दवा वितरण के चार में से दो ही काउंटर संचालित होने से समस्या रही। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक मंगलवार को करीब नौ सौ मरीज इलाज को पहुंचे थे। इसमें सर्वाधिक वायरल, पेट संबंधी और त्वचा रोग से पीड़ित रहे।
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