पुलिस की सफाई- दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद असलहों की बरामदगी के लिए गई थी टीम
बरेली। बड़ा बाईपास पर मारे गए मुश्ताक हत्याकांड के आरोपी सलाउद्दीन और आमिर के घर से असलहों की बरामदगी के लिए गद्दी मोहल्ला पहुंचे दरोगा की एक चूक से बड़ा बवाल होने से बच गया। दरोगा के साथ दो और अनजान लोग आरोपियों के घर में घुसे तो पीड़ित पक्ष के लोगों ने पूरी टीम को घेर लिया। दरोगा को तो धक्का देकर एक तरफ कर दिया लेकिन उसके साथ आए दोनों लोगों को भीड़ ने सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए जमकर पीटा।
शुक्रवार शाम बिथरी चैनपुर क्षेत्र में बड़ा बाईपास पर जोगीनवादा के मोहल्ला गद्दी निवासी साहिल उर्फ भूरा, वाजिद, आमिर, अकील, सलाउद्दीन और कौसर ने मुश्ताक की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। घटना की रात ही पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। दो आरोपी आमिर और सलाउद्दीन फरार थे, जिन्हें पुलिस ने सोमवार को पकड़ लिया। इसके बाद सोमवार शाम करीब छह बजे थाना बिथरी के एसआई राजकुमार और तीन सिपाही सादा कपड़े पहने दो युवकों को लेकर सलाउद्दीन के घर पहुंचे। वे लोग ताला खोलकर घर के अंदर चले गए लेकिन जब बाहर निकले तो मुश्ताक पक्ष के लोगों ने उन्हें घेर लिया।
हंगामा करते हुए उन्होंने सादा कपड़े पहने युवकों को पकड़कर उनके मास्क हटा दिए और पूछताछ करने लगे। दोनों युवक आरोपी के घर में जाने का कारण स्पष्ट नहीं कर सके तो लोगों ने उन्हें आरोपियों का रिश्तेदार बताते हुए सबूत मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। सूचना पर बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों को भीड़ से बचाकर थाने ले गए। वहां दोनों आरोपियों ने अपने नाम मोहित पटेल और नसीम बताए हैं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि युवकों से पूछताछ की जा रही है। बिथरी के प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान सलाउद्दीन ने वारदात में प्रयुक्त तमंचा घर में रखा होने की जानकारी दी थी। उसी की बरामदगी के लिए पुलिस टीम वहां पहुंची थी, तमंचा बरामद भी हो गया है। सादा कपड़ों में जो व्यक्ति थे, उनमें एक पुलिस का मुखबिर है और दूसरा उस गाड़ी का ड्राइवर था जिससे पुलिस गई थी।
पीड़ित पक्ष का सवाल- फिर खुद को क्राइम ब्रांच की टीम क्यों बताया
मृतक मुश्ताक के रिश्तेदार गुलाम नवी का कहना है कि सादा कपड़ों वाले लोग आरोपी पक्ष के परिचित और रिश्तेदार हैं। वे पुलिस से सांठगांठ कर सबूत मिटाने के इरादे से सलाउद्दीन के घर पहुंचे थे। अगर उनका आरोपी से कोई परिचय नहीं है तो उसके घर की चाबी उन्हें कहां से मिली और जब उन लोगों ने उन्हें पकड़ा तो खुद को क्राइम ब्रांच का क्यों बताया।
भारी पड़ सकती थी लापरवाही
माना जा रहा है बिथरी पुलिस की लापरवाही बड़ा बवाल करा सकती थी। पुलिस विभाग के ही लोगों का कहना है कि दरोगा को सादा कपड़े पहने लोगों को दबिश के लिए लेकर नहीं जाना चाहिए था। मगर माहौल खराब होने के बावजूद उन्होंने यह लापरवाही कर दी। गनीमत रही कि वहां काफी पुलिस पहले से मौजूद थी, वरना कोई हादसा भी हो सकता था।
रायफल से मारी गोली, तमंचा बरामद
मुश्ताक के परिजन का आरोप है कि सलाउद्दीन के पास लाइसेंसी रायफल है और उसी से मुश्ताक को गोली मारी गई थी। पुलिस उसके घर से तमंचे की बरामदगी दिखाकर उसकी रायफल बचाना चाह रही है। वहीं, डकैती के मामले में अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।