- जिला विकास, समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए खस्ताहाल सड़कों के मुद्दे
बरेली। पीडब्ल्यूडी के अभियंता फरीदपुर-डिबना मार्ग को न तो गड्ढामुक्त कर रहे हैं, न ही उसके चौड़ीकरण के लिए एस्टीमेट बनाकर दे रहे हैं। जनता गड्ढों का दर्द झेल रही है। सड़क पीएमजीएसवाई डिवीजन से प्रांतीय खंड के पास आनी है, लेकिन पीडब्ल्यूडी इसके लिए तैयार नहीं है। विभागीय लड़ाई में सड़क का हाल खराब है। सांसद छत्रपाल गंगवार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित जिला विकास, समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि विभागीय लड़ाई में जनता कब तक गडढों का दर्द झेलती रहेगी? इस पर अधिशासी अभियंता ने एस्टीमेेट देने की बात कही। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने मीरगंज-मंडनपुर, औरंगाबाद मार्ग, धर्मपुरा मार्ग, अभयपुर-रिठौरा मार्ग की बदहाली का मुद्दा उठाया।
बैठक में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें ठीक न कराने, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संचालित न होने और पंचायतों को मनरेगा में काम न दिए जाने के मुद्दे गूंजे। जनप्रतिनधियों ने अधिकारियों को घेरा। जल निगम की अधिशासी अभियंता और डीसी मनरेगा के जवाब से जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही तो सीडीओ ने बात को संभाल लिया।
ब्लाॅक प्रमुखों ने कहा कि पिछली बैठक में क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से मनरेगा के कार्य कराए जाने पर सहमति बनी थी, पर नौ महीने बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ। डीसी मनरेगा हसीब अंसारी ने जवाब दिया तो जनप्रतिनधि बोले- अनुपालन शून्य है। ठेकेदारों के पेमेंट होते हैं और जरूरतमंद मजदूर रह जाते हैं। नवाबगंज के ब्लाॅक प्रमुख ने कहा कि मनरेगा में प्रधानों के काम हाथों हाथ होते हैं, बाकी वंचित हैं। ऐसा क्यों? विधायक डीसी वर्मा ने तकनीकी सहायकों का रोटेशन नहीं होने का मामला उठाया।
सीडीओ ने अधिकारियों-कर्मचारियों को जनप्रतिनिधियों की शिकायतों-सुझावों पर अमल करने, अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की हिदायत दी। सेथल में पाॅलिटेक्निक का संचालन न होने और बहेड़ी के बंद पड़े आईटीआई का मु्द्दा भी गूंजा। नवाबगंज विधायक एमपी आर्या ने सेंथल-जादौपुर मार्ग को गड्ढामुक्त न किए जाने का मामला उठाया। अभियंताओं ने बताया कि सड़क को गड्ढामुक्त कर दिया गया है।
एजेंट मंजूर करा रहे पेंशन
एक ब्लाॅक प्रमुख ने समाज कल्याण अधिकारी से चठिया गांव की महिला की पेंशन मंजूर नहीं होने का मामला उठाया। कहा कि आपके यहां एजेंट हाथों हाथ पेंशन मंजूर कराते हैं, पर कार्रवाई नहीं होती। विधायक बोले- आप बताएं, एजेंटों पर एफआईआर होगी या नहीं? समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि आप नाम बताएं, हम एफआईआर कराएंगे। सरकारी जमीन पर व्यक्तिगत आवास बनाने का मु्द्दा भी गूंजा। एमएलसी बहोरनलाल मौर्य ने कहा कि शेरगढ़ में सबसे ज्यादा धांधली हुई। विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि पिछली बैठक में भी ये मुद्दे उठे थे, लेकिन कार्रवाई शून्य रही। पीओ डूडा ने जांच रिपोर्ट आने का जिक्र किया तो एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट आप क्यों दे रहे हैं, जिससे आप खुद संतुष्ट नहीं? एससीएम राजेश चंद्रा ने पीओ डूडा की हैसियत से जवाब दिया तो विधायक डीसी वर्मा बोले- आप सदन को गुमराह कर रहे हैं।
सांसद ने उठाया खोदकर छोड़ी गई सड़कों का मुद्दा
ब्लाॅक प्रमुखों और विधायकों ने जल जीवन मिशन के तहत खोद कर छोड़ दी गईं सड़कों के लिए जल निगम को जिम्मेदार बताया। नवाबगंज विधायक एमपी आर्य व फरीदपुर विधायक डॉ. श्यामबिहारी लाल ने हादसों में लोगों के जख्मी होने की बात कही। जल निगम की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने सड़कें ठीक कराने का दावा किया तो ब्लाॅक प्रमुखों ने सूची मांग ली। अधिशासी अभियंता ने कुछ नाम गिनाए तो फरीदपुर के विधायक ने उसे फर्जी बताया। सांसद छत्रपाल गंगवार ने भी इसकी पुष्टि की। कहा कि- गड्ढे भरने में मिट्टी अधिक और गिट्टी कम डाली गई है। विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि प्रलोभन देकर प्रधानों से लिखवाया जा रहा है कि सड़क ठीक हो गई।
सीएमओ पर कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप
ब्लॉक प्रमुखों ने सीएमओ पर कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाया तो वह सटीक जवाब नहीं दे सके। एक ब्लाॅक प्रमुख ने कहा कि सीएमओ ऐसे पांच ब्लाॅक प्रमुखों के नाम बताएं, जिनके मोबाइल नंबर इनके मोबाइल में फीड हैं। बिथरी के ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि सरकारी अस्पताल में मशीन होने के बाद भी एक्सरे नहीं हो रहे। विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा- यह स्थिति ठीक नहीं है। विधायक एमपी आर्य ने प्राइवेट एबुलेंस वालों की मनमानी का मुद्दा उठाया। फतेहगंज पश्चिमी के ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र यादव ने रामपुर रोड पर कर्मचारी नगर मिनी बाइपास से लेकर सीबीगंज और झुमका चौराहे तक बंद पड़ी स्ट्रीट और हाई मास्ट लाइटों का मुद्दा उठाया। अमर उजाला ब्यूरो