बरेली। लोकसभा चुनाव में कई जगह मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आईं। कई जगहों वोटरों का नाम सूची से गायब था। कई मतदाताओं के नाम व पिता के नाम में गड़बड़ियां पाई गईं। ऐसे में मतदाता मताधिकार से वंचित रह गए। इनमें से कुछ सिस्टम को कोसते हुए निराश होकर लौट गए तो कई बूथों पर मौजूद बीएलओ से उलझते रहे।
बिथरी चैनपुर के रामस्वरूप दोपहर में वोट डालने बूथ पर पहुंचे। वहां वोटर लिस्ट में नाम देखा तो पिता मूलचंद की जगह उनकी पत्नी बेलावती का नाम लिखा था। गांव के प्रधान व बीएलओ से कहा तो उन्होंने कहा कि आधार ले जाओ, अंदर वोट पड़ जाएगा। बूथ पर गए तो पीठासीन अधिकारी ने कहा कि वोटर लिस्ट में लिखा नाम पर्ची पर लिखे नाम से मेल नहीं खा रहा है। दूसरी पर्ची निकलवाकर लाइए। इसके बाद वह बेटे के साथ बाहर आ गए।
135 सिविल लाइंस निवासी रमेश चंद दीक्षित पत्नी रमा व बेटे रवि के साथ वोट डालने सदर तहसील में बनाए गए बूथ पर पहुंचे। वहां रवि ने वोट डाल दिया, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण रमेश व रमा मतदान नहीं कर सके। उन्होंने पार्षद पुष्पेंद्र माहेश्वरी से शिकायत की। पार्षद ने बीएलओ के पास भेजा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। बीएलओ ने कहा कि उनके बारे में मालूम किया तो पड़ाेसियों ने बताया कि वे यहां नहीं रहते। इसलिए नाम कटा है।
164 सिविल लाइंस निवासी विजय कुमार गर्ग व उनकी पत्नी ऋतु गर्ग भी वोटर लिस्ट में नाम तलाशते रह गए। रामपुर बाग में कई मतदाताओं की वोटर आईडी मेल नहीं खा रही थी। बीएलओ ने बताया कि मतदाता पहचान पत्र संख्या में गड़बड़ी होने के कारण 20-25 लोग वोट नहीं डाल पाए। कैंट क्षेत्र के त्रिलोचन सिंह, प्रदीप कुमार, हरीश कुलश्रेष्ठ, मीरा कुलश्रेष्ठ, हरीश कुमार, हरीश मल्होत्रा आदि के नाम भी वोटर लिस्ट से काट दिए गए थे। जब ये लोग वोट डालने पहुंचे तो इसका पता चला।
सुभाषनगर में भी पर्चियों में गड़बड़ी रही। यहां एक पार्टी के बिस्तर पर बैठे सोनू कालरा ने बताया कि कुछ पर्चियों में पिता का नाम या पति का नाम गलत हो गया है। ऐसे मतदाताओं के आधार कार्ड दिखाकर बीएलओ से इसे ठीक करवाकर वोट डलवाया गया।