बरेली। जिले में मतदान का प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले गिरा तो इसके लिए जिम्मेदारों की उदासीनता भी एक वजह मानी जा रही है। कहीं सड़क तो कहीं पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। इन्हें मनाने में अफसरों के पसीने छूट गए। माना जा रहा है कि बुनियादी मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधि और अफसरों ने पहले सक्रियता बरती होती तो मतदान प्रतिशत और बेहतर होता।
गोकुलपुर में सड़क की मांग पर हंगामा, पांच घंटे बाधित रहा मतदान
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सीबीगंज/बरेली। सड़क की मांग को लेकर मंगलवार को गोकुलपुर गरगइया के ग्रामीणों ने हंगामा किया। वहां पांच घंटे तक मतदान बाधित रहा। दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए। अधिकारियों के समझाने पर मतदान शुरू हो सका।
गांव गोकुलपुर गरगइया (परसाखेड़ा प्रथम) के बूथ पर कुल 781 मतदाता हैं। इसी केंद्र पर गौटिया परसाखेड़ा के भी 86 वोटर पंजीकृत हैं। सुबह आठ बजे मतदाता अपने बूथ पर पहुंचे तो उन्हें मतदान नहीं करने दिया। दूसरे गांव के लोग भी आ गए। विवाद बढ़ गया। सूचना पर जोनल मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी राहुल भाटी पुलिस टीम के साथ पहुंच गए। पैरामिलिट्री को भी बुला लिया गया। दोपहर एक बजे अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया। इससे पूर्व सिर्फ 20 लोग ही मतदान कर पाए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे से गांव तक आने के लिए कोई रास्ता नहीं है। ईंट भट्ठे के बीच से होकर वे जैसे-तैसे अपने घर आते हैं। पूर्व पार्षद सुखदीश कश्यप पर आरोप लगाया कि उन्होंने जो रास्ता हाईवे से निकलवाया है, वह भी अपने गांव की तरफ स्वीकृत कराया है। वहीं, पूर्व पार्षद सुखदीश कश्यप का कहना है कि सभी गांवों में बराबर विकास कार्य कराए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि प्रशासनिक अफसरों ने ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया तो वे मान गए।
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फोटो- जरपा मोहन गांव का सूना पड़ा पोलिंग बूथ।
प्रहलादपुर में शून्य तो जरपा मोहनपुर में पड़े सिर्फ दो वोट
नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से खफा थे ग्रामीण, नहीं मना पाए अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज। क्योलड़िया में देवहा नदी पर पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों ने मंगलवार को मतदान का बहिष्कार कर दिया। जरपा मोहनपुर में दो वोट पड़े, वहीं प्रहलादपुर में एक भी वोट नहीं पड़ सका।
बरेली-पीलीभीत की सीमा पर बह रही देवहा नदी पर पेहना-पेहनिया, जरपा मोहनपुर समेत आधा दर्जन गांवों के लोगों को लंबे अरसे से पुल के निर्माण का इंतजार है। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। पुल का निर्माण शुरू न होने से इन गांवों के लोग खफा थे। एडीएम ई दिनेश कुमार सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद विधायक डॉ. एमपी आर्य और नवाबगंज व भदपुरा ब्लाॅक के प्रतिनिधि भी आ गए। सभी ने प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी। बूथ संख्या 271 गांव पेहना-पेहनिया और प्रहलादपुर में किसी ने कोई मतदान नहीं किया।
सड़क न बनने पर खमरिया सानी में चार घंटे तक नहीं पड़े वोट
मीरगंज। क्षेत्र के गांव खमरिया सानी में सड़क न बनने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध किया। अधिकारियों के मनाने के बाद 11 बजे केंद्र पर मतदान करने पहुंचे। रामस्वरूप गंगवार, चौधरी राजवीर सिंह आदि ने बताया कि खमरिया सानी के पुल से गांव तक 100 मीटर सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण बारिश के समय निकल नहीं पाते हैं। इस कारण ग्रामीणों ने विरोध किया। अधिकारियों के मनाने पर चार घंटे बाद ग्रामीणों ने मतदान किया। संवाद
यहां भी हुआ बहिष्कार पर बाद में आश्वासन पर माने मतदाता
अलीगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोगीठेर के मजरा मंशारामपुर, भोजीपुरा के नौगवां घाटमपुर, शेरगढ़ क्षेत्र के गांव रहमतनगर गौटिया, न्याजनगर गौटिया, बिशारतगंज के गांव अतरछेड़ी के मजरा नैनपुर गौटिया, ढकौरा के ग्रामीणों ने भी मतदान का बहिष्कार किया। हालांकि, वे बाद में अफसरों व जनप्रतिनिधियों के समझाने पर मान गए और केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाला।