दो नाम से दो बार होमगार्ड भर्ती परीक्षा देने वाले हरदोई निवासी अनुराग यादव उर्फ धर्मेंद्र का कोतवाली पुलिस ने चालान कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। बायोमीट्रिक जांच के दौरान उसकी पहचान उजागर हुई थी। आरोपी ने बताया कि बताया कि वह सिपाही से लेकर दरोगा तक की परीक्षा दे चुका है। सिपाही की नौकरी में पास होने के बाद भी कटऑफ में चूक गया था।
कोतवाली प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि आरोपी के पास से पुलिस ने दो आधार कार्ड, दो प्रवेश पत्र और दो प्रश्नपत्र बरामद किए हैं। आरोपी ने हाईस्कूल की दो मार्कशीट भी बरामद कराई। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने धर्मेंद्र नाम से 1993 में हाईस्कूल परीक्षा पास की थी। नौकरी की उम्र निकलने लगी तो वर्ष 2001 में अनुराग नाम से दूसरी बार हाईस्कूल पास किया। बताया कि उसने केवल नौकरी पाने की खातिर फर्जीवाड़ा किया था।
चूंकि दूसरी मार्कशीट के हिसाब से भी अब वह ओवरएज होने की कगार पर था। ऐसे में अंतिम प्रयास में वह पूरी ताकत झोंकना चाहता था। इसी चक्कर में दो मार्कशीट, दो नाम व दो आधार कार्ड से होमगार्ड परीक्षा देने जा रहा था। इसी में वह फंस गया। कोतवाल ने बताया कि अनुराग हरदोई के थाना टडियावा के गांव हरिहरपुर का निवासी है। दरोगा विक्रांत तोमर मामले की विवेचना कर रहे हैं।
ये है मामला
रविवार को साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर केंद्र प्रभारी राजीव कुमार ने बायोमीट्रिक जांच के दौरान अनुराग को पकड़ा। अनुराग ने अपने आधार कार्ड पर नाम बदला था और एक दिन पहले धर्मेंद्र नाम से परीक्षा दे चुका था। मिलान न होने पर टीम को उस पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस ने अनुराग को गिरफ्तार कर लिया था।