शनिवार को छूटे हुए अभ्यर्थियों की बीएड काउंसलिंग थी। इसमें जीरो और माइनस नंबर वाले भी काउंसलिंग कराने पहुंचे। ऐसे अभ्यर्थी न तो अपना मोबाइल नंबर लिख पा रहे हैं और न सर्टिफिकेट दिखा पा रहे हैं।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय, खंडेलवाल कॉलेज और फ्यूचर कॉलेज में शनिवार को भी माइनस नंबर वाले अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई। ऐसे अभ्यर्थियों से आय प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है तो वह उसे भी नहीं दिखा पा रहे हैं। यही नहीं, वह खुद अपने नंबर भी नहीं बता पा रहे हैं। एक अभ्यर्थी से उसके नंबर पूछे गए तो उसने कहा, जो उसका काम करा रहे हैं, उन्हें ही नंबर पता है। यही नहीं, एक अभ्यर्थी ने गलत नंबर लिख तो उसका भाई मोबाइल नंबर ठीक कराने के लिए पहुंच गया। बहुत से अभ्यर्थी काउंसलिंग भी नहीं करा पा रहे हैं। पहली बार लखनऊ विश्वविद्यालय ने जीरो और उससे भी कम माइनस नंबर वाले अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग का मौका दिया है। यह कदम सीटें भरने के उद्देश्य से उठाया गया है, फिलहाल सभी अभ्यर्थियों को काउंसलिंग का मौका मिलने के बाद भी पचास हजार से ज्यादा सीटें खाली छूट रही हैं।
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माइनस नंबर वाले अभ्यर्थी जिन्होंने करायी काउंसलिंग
0 अर्चना : -1.3
0 मंजू देवी : -2
0 रीना : -2.66
0 गीता देवी : -1.34
0 विजय सिंह : -2.66
0 पूजा : 0.66
0 ऋतु रानी : -2.66
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व्यवस्था पर मंथन की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बीएड काउंसलिंग में पहली बार जीरो और उससे भी कम नंबर वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग कराने का मौका दिया गया है। इससे तमाम शिक्षाविद भी चिंतित हैं।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह का कहना है कि शून्य और माइनस नंबर वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग का मौका देने पर फिर से विचार करना जरूरी है। सिर्फ बीएड ही नहीं, सीपीएमटी, आईआईटी समेत तमाम प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्था पर मंथन होना चाहिए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के डॉ. रवींद्र सिंह का कहना हे कि किसी भी देश का एजूकेशन सिस्टम बर्बाद करना हो तो प्राइमरी एजूकेशन को बर्बाद कर दें, सिस्टम अपने आप चौपट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी ही स्थिति थी तो प्रवेश परीक्षा क्यों कराई गई? यदि प्रवेश परीक्षा कराई गई तो एक कटऑफ निर्धारित होना चाहिए। एजूकेशन कोई इंडस्ट्री नहीं है, यह देश का आधार है। अगर यह बर्बाद हो गया तो भरपाई मुश्किल है। नई व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षाविद चिंतित हैं।
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तीन जुलाई से होगी पूल काउंसलिंग
बरेली। शनिवार को हुई छूटे अभ्यर्थियों की काउंसलिंग में रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 636, खंडेलवाल कॉलेज में 614 और फ्यूचर कॉलेज में 641 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई। इसमें जो अभ्यर्थी छूट गए हैं, उन्हें तीन जुलाई से होने वाली पूल काउंसलिंग में अंतिम मौका मिलेगा।
शनिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 636 अभ्यर्थियों को टोकन दिया गया। इसमें से 675 अभ्यर्थियों ने वेरिफिकेशन कराया और 673 ने फीस जमा कर काउंसलिंग कराई। इसमें 317 अभ्यर्थियों ने कॉलेज लॉक किए हैं। खंडेलवाल कॉलेज में 614 अभ्यर्थियों ने टोकन लिया। 631 अभ्यर्थियों ने फीस जमा कर काउंसलिंग कराई। इसमें से 249 अभ्यर्थियों ने कॉलेज लॉक किए। फ्यूचर इंस्टीट्यूट में 641 अभ्यर्थियों ने टोकन लिए। 628 अभ्यर्थियों ने फीस जमा कर काउंसलिंग कराई। इसमें से 241 अभ्यर्थी ही कॉलेज लॉक कर पाए। जो अभ्यर्थी शनिवार को काउंसलिंग नहीं करा पाए। वे तीन, चार और पांच जुलाई को होने वाली पूल काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं। पूल काउंसलिंग खंडेलवाल कॉलेज और फ्यूचर इंस्टीट्यूट में होगी।