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मंत्रालय ने अफसरों को चेतायाः एंटीजन जांच में निगेटिव मिलने वालों में 70 फीसदी हो सकते हैं कोरोना संक्रमित

Fri, 11 Sep 2020 02:54 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Corona testing - फोटो : PTI
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एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के नतीजों में भिन्नता को लेकर उठ रहे सवालों पर अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि एंटीजन जांच में निगेटिव मिलने वालों को निगेटिव नहीं मानकर उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाए। 

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मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार एंटीजन जांच में निगेटिव मिलने वालों में सिर्फ 30 फीसदी ही निगेटिव होते हैं जबकि 70 फीसदी लोग कोविड पॉजिटिव हो सकते हैं। मंत्रालय ने स्वास्थ्य विभाग को निगरानी के लिए एक अधिकारी नामित करके तुरंत एंटीजन जांच में निगेटिव मिलने वालों के सैंपल की आरटीपीसीआर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

शहर के प्रमुख चिकित्सक और विशेषज्ञ लगातार एंटीजन की जांच में निगेटिव मिलने वालों की आरटीपीसीआर जांच कराने का सुझाव देते रहे हैं। माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. राहुल कुमार गोयल के मुताबिक आईसीएमआर की गाइडलाइन में साफ है कि एंटीजन की जांच में निगेटिव मिलने वालों की आरटीपीसीआर जांच कराई जानी चाहिए। 
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मगर जिले में बीते दो माह से एंटीजन की जांच चल रही है। जिसमें पॉजिटिव मिलने वालों को आइसोलेट कराया जा रहा है मगर निगेटिव मिलने वालों को स्वस्थ मानकर घर भेज दिया जा रहा है। भले ही उनमें लक्षण क्यों न हों। ऐसे में बीते दिनों अमर उजाला ने भी इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था। 

मंत्रालय के आदेश में समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों का भी जिक्र है। जिन्हें आधार मानते हुए मंत्रालय ने स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी देते हुए प्राथमिक स्तर पर निगेटिव मिलने वालों की आरटीपीसीआर जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए निगरानी तंत्र स्थापित करने को कहा है। टीम जिले में रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) के विवरणों का विश्लेषण करेंगी और सभी निगेटिव मामलों की जांच कराएंगी।

सिर्फ 30 फीसदी ही होते हैं निगेटिव
एंटीजन जांच का परिणाम आने में 20 मिनट का समय लगता है, जबकि आरटीपीसीआर जांच का नतीजा 3-4 घंटे घंटे में आता है। एंटीजन का परिणाम अगर पॉजिटिव आता है तो इसकी विश्वसनीयता सौ फीसदी के करीब होती है, लेकिन निगेटिव मामलों में यह 30-40 फीसदी ही कारगर है। इसलिए निगेटिव आने की स्थिति में आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की सलाह दी जाती है। हालांकि पॉजिटिव में भी चिकित्सकों के अलग-अलग मत हैं।

अब तक 68 हजार मिले हैं निगेटिव
जिले में बीते दो माह से एंटीजन की जांच की जा रही है। अब तक 75 हजार जांच हो चुकी है जिसमें साढ़े छह हजार पॉजिटिव मिले हैं और करीब 68 हजार निगेटिव रिपोर्ट आई है। हैरत यह कि निगेटिव रिपोर्ट मिलने पर भी अब तक एक की भी आरटीपीसीआर जांच नहीं कराई गई है। आशंका जताई जा रही है कि जिले में संक्रमण का ग्राफ बढ़ने की एक वजह निगेटिव वालों की आरटीपीसीआर जांच न कराना भी है।

 

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