वर्ष 2015-16 की जिला योजना की समीक्षा बैठक भी जैसे तैसे निपट गई। पहली बार बरेली आए प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने फरवरी तक मिले बजट के आधार पर कामों की समीक्षा की। दो अरब से ज्यादा की जिला योजना में 41 विभागों के स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष शासन से मिले तिहाई बजट ही मिल पाया। प्रभारी मंत्री 20 करोड़ के कामों की समीक्षा कर चले गए। समीक्षा में अफसरों से सिफ्र इतना पूछा गया कि आपके विभाग को कितना पैसा मिला। कितना खर्च कर लिया। किस क्षेत्र में कितने बजट से क्या काम कराए गए। कौन से कामों की वर्तमान में क्या प्रगति है। जनता को क्या फायदा मिल रहा है। न तो किसी को ये पूछने की फुर्सत थी, न ही बताने का समय।
मंगलवार अपराह्न तीन बजे से विकास भवन सभागार में प्रारंभ हुई जिला योजना की बैठक में गन्ना, पशु चिकित्सा और वन विभाग के अफसरों से प्रस्तावित कामों और बजट खर्च का हिसाब मांगा गया। ज्यादातर सवालोें के जवाब सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने दिए। डीआरडीए के परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का बजट न खर्च हो पाने और मनरेगा में 46 करोड़ के सापेक्ष 33 करोड़ के काम होना बताया। पंचायत राज अधिकारी दिनेश सिंह ने 7.48 करोड़ के सीसी मार्ग का काम पूरा करने की बात कही। प्रभारी मंत्री बोले- जब काम पूरे कर लिए तो लोकार्पण क्यों नहीं कराया। जवाब था- जल्दी करा देंगे। अफसरों ने चार साल में चयनित लोहिया गांवों में सोलर लाइट, सीसी मार्ग, शौचालय निर्माण के कागजी आंकड़े भी मंत्री जी को आसानी से समझा दिए। कृषि, उद्यान, गन्ना, दुग्ध विकास, वन, पंचायती राज, लघु सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, खादी ग्रामोद्योग आदि विभागों के अफसरों ने इतना बजट मिला, उसमें इतने काम करा दिए के शब्द कहकर एक या दो मिनट में बात खत्म कर दी। डेढ़ घंटे में 41 विभागों के कामों की प्रगति की समीक्षा कर मंत्री जी चले गए।
नहरों पर तो मकान बनवा दिए
प्रभारी मंत्री ने एक्सईएन नहर से कामों की प्रगति पूछी तो जिलाध्यक्ष वीरपाल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नहरों पर तो आपने मकान बनवा दिए। नहरें बची कहां हैं। एक्सईएन झेंप गए तो वीरपाल बोले- कम से कम कालोनाइजर्स से मुआवजा ही ले लेते।
एक्सईएन और ठेकेदार पर एफआईआर कराएं
मीरगंज से बसपा विधायक सुल्तान बेग ने प्रभारी मंत्री से कहा कि फतेहगंज पश्चिमी से शीशगढ़ होते हुए बहेड़ी तक 62 किलोमीटर रोड 2005-06 में पीएमजीएसवाई से स्वीकृत हुई थी। ठेकेदार ने घटिया काम किया। करोड़ों की सड़क एक साल में उखड़ गई। जब उन्होंने विधानसभा में मामला उठाया तो टीएसी जांच हुई। इसमें ठेकेदार को दोषी मानकर ब्लैक लिस्टेड कर 57 लाख की सिक्योरिटी जब्त कर ली। विधायक का कहना है कि एक्सईएन और ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस पर पीएमजीएसवाई के एई हरीश रावत ने सड़क पर ओवरलोड ट्रैफिक होने की सफाई देनी चाही तो प्रभारी मंत्री बोले- तुम सरकारी कर्मचारी हो या ठेकेदार के। प्रभारी मंत्री बोले- मामले की जांच कर एक्सईएन और ठेकेदार पर एफआईआर कराएं।
60 साल में शादी करने पर अनुदान
पिछड़ा और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों में शादी और बीमारी अनुदान योजनाओं के बंद होने पर विधायक सियाराम सागर उखड़ गए। बोले- हमने नेताजी से मिलकर कहा था कि आपने गरीबों की ये योजनाएं क्यों बंद कर दीं। वीरपाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार उन विधायकों को अनुदान देगी जो 60 साल के बाद शादी करेंगे। इस पर हाल में ठहाके भी लगे।
विधायक के नाम की प्लेट क्यों नहीं लगी
एक्सईएन जल निगम ने जिला योजना के बजट में 102 नए हैंडपंप लगवा दिए और 77 पुराने हैंडपंप रिबोर करा दिए हैं। प्रस्तावित कामों का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। विधायकों ने कहा कि नए हैंडपंपों में विधायक के नाम की प्लेट क्यों नहीं लगी। एक्सईएन का जवाब था कि आपने बताया है तो प्लेट भी लगवा देंगे।