17 साल तक राजनीतिक सफर में साथ देने का दावा
पप्पू गिरधारी ने कहा कि बरेली में उनका जमीन का बड़ा कारोबार है और उन्हें गलत तरीके से पैसा कमाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि करीब 17 वर्षों तक उन्होंने रेखा आर्य के राजनीतिक सफर में सहयोग किया। चुनाव के दौरान उनके समर्थन में लोगों से वोट मांगे और राजनीतिक गतिविधियों में साथ दिया। उनका आरोप है कि चुनाव लड़ाने के लिए उत्तराखंड जाने से मना करने के बाद मंत्री उनसे नाराज हो गई थीं। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला मैनेजर के जरिए वसूली कराने का आरोप
पप्पू गिरधारी ने अपनी पूर्व महिला मैनेजर के जरिए कथित वसूली कराने का आरोप भी रेखा आर्य पर लगाया। उनका दावा है कि महिला मंत्री से जुड़े कुछ राज जानती थी, जिसके कारण उसे जेल भिजवाया गया। उन्होंने मंत्री की ओर से जारी किए गए कथित ऑडियो को फर्जी बताते हुए उसे एआई की मदद से तैयार किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने की मांग
पप्पू गिरधारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की जांच किसी जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री की संपत्तियों और उनके विभाग में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना मित्र और भाई जैसा बताते हुए जांच पर भरोसा जताया।
गोलू देवता की कसम खाने की दी चुनौती
पप्पू गिरधारी ने रेखा आर्य को गोलू देवता की कसम खाकर यह बताने की चुनौती दी कि क्या उन्होंने कभी उनके साथ अन्याय किया है। उन्होंने मंत्री से अपने आरोप वापस लेने की मांग भी की। कंपनी में इस्तीफे और शेयरों को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने दावा किया कि संबंधित कंपनी में रेखा आर्य की भी हिस्सेदारी है। उनके मुताबिक, कंपनी के दस्तावेजों की जांच से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। पप्पू गिरधारी की ओर से लगाए गए संपत्ति और भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।