बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के चनहेटी में डॉक्टर की बेटी अंजलि की ससुराल में मौत के दूसरे दिन दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। जो मायके वाले सात घंटे तक पुलिस से पोस्टमार्टम न कराने के लिए तकरार करते रहे। रात में 15 घंटे बाद उनका मन बदल गया। पति समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दो महीने पहले बारादरी के पनवड़िया निवासी डॉक्टर जयप्रकाश की बेटी अंजलि की शादी चनहेटी निवासी प्राथमिक शिक्षक विनेश उर्फ विक्की से हुई थी। शनिवार सुबह अंजलि का शव उसकी ससुराल में फंदे पर लटका मिला था। रविवार दोपहर अंजलि के भाई डॉ. आकाश ने बहनोई विनेश, विनेश के दो बड़े भाई और एक भाभी पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि दहेज में उन्होंने क्रेटा कार कर दी थी जबकि विनेश व उसके घरवाले स्कॉर्पियो मांग रहे थे। इसलिए अंजलि का उत्पीड़न करते थे, उसे मारकर फंदे पर लटका दिया। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
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सीओ बोले- हम बहन मानकर कर देंगे अंतिम संस्कार
- शनिवार को अंजलि के निधन की सूचना पर दोपहर में कैंट थाना प्रभारी पहुंचे तो अंजलि के मायके वाले भी आ गए। मायके व ससुराल दोनों ही पक्षों ने पुलिस से कह दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। चूंकि मौत शादी के दो महीने बाद ही हुई तो भविष्य में शिकायत के लिहाज से पुलिस कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी। यही वजह रही जो रात आठ बजे तक पुलिस और परिजनों में तनातनी बनी रही। कुछ नेता भी दोनों पक्षों से पैरवी में आ गए तो पुलिस ने पूरे हंगामे की वीडियोग्राफी करा ली। शाम को पहुंचे सीओ प्रथम ने अंजलि के घरवालों को समझाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम करा लीजिए, हम अंत्येष्टि नहीं करेंगे। तब सीओ ने कहा कि हम अपनी बहन मानकर अंतिम संस्कार कर देंगे। पुलिस नहीं मानी तो परिजन पीछे हट गए, पुलिस शव सील कर पोस्टमाॅर्टम हाउस ले गई।
प्रतिष्ठित परिवार की बेटी थी अंजलि
अंजलि के पिता डॉ. जयप्रकाश प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। पांच भाइयों में अधिकांश डॉक्टरी पेशे से जुड़े हैं। अंजलि की मां मिथिलेश देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले अंजलि अपनी भाभी के जन्मदिन पर घर आई थी। परिवार के साथ होटल में खुशी-खुशी जन्मदिन मनाया था। भाई ने बताया कि रविवार को अंजलि ने तीर्थ यात्रा पर जाने की बात फोन पर बताई थी। इधर, अंजलि के पति विनेश का कहना था कि शादी के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी। घटना के वक्त वह बहेड़ी क्षेत्र के अपने स्कूल में था। उसे नहीं पता कि अंजलि ने ऐसा क्यों किया।