सीबीगंज। अयोध्या और मिर्जापुर में गोवंश की मौत पर गुस्साए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आठ अफसर सस्पेंड किए तो हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. सोमवार सुबह बारिश में ही निगम अफसरों के साथ कान्हा पशु आश्रय गृह पहुंच गए। यहां न तो गोवंशीय पशुओं के रहने की उचित व्यवस्था मिली और न खाने-पीने की। मगर निगम अफसर मामले को दबाने में जुटे हैं।
नगर निगम सड़क पर घूम रही गायों को पकड़-पकड़ कर कान्हा उपवन तो ले जा रहा है लेकिन वहां न तो ही उनके रहने की उचित व्यवस्था है और न ही खाने पीने की। कान्हा उपवन में दो सौ गायों के रहने और खाने की व्यवस्था है, मगर वर्तमान समय में वहां 452 गाय मौजूद हैं। इनके रहने के लिए यहां टीनशेड भी नहीं है, जिसके चलते रात में यह खुले में ही रहती हैं। बरसात के इस मौसम में भी यह गाय खुले में रात गुजार रही हैं। गायों को चारा देने के लिए यहां 170 नांद बनाई गई हैं। मगर संख्या बढ़ने के चलते दिक्कत हो रही है तो ड्रम कटवाकर औपचारिक व्यवस्था की गई है।
शिकायत के बाद भी निगम कर रहा अनदेखी
कान्हा उपवन की देखरेख कर रही कामधेनु गोशाला ट्रस्ट के रतन शंकर शर्मा के मुताबिक कई बार नगर निगम को यहां की समस्याएं लिखकर दी जा चुकी हैं। मगर अब तक कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को भी उन्होंने समस्या बताई है।
नहीं बन रहे लट्ठे, परिसर में बिखरा गोबर
कान्हा उपवन में गोबर निस्तारण के लिए भी कोई प्रावधान नहीं है। कुछ दिन पहले गोबर से लट्ठे बनाने की एक मशीन लगाई गई थी लेकिन बरसात के कारण लट्ठे नहीं बनाए जा सकते। इस कारण गोबर उपवन में जगह-जगह फैला हुआ है, जिससे गंदगी का अंबार लगा है।