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भर्ती में पहले ही दिन से सेंध लगाने की थी तैयारी

Sun, 24 May 2015 12:48 AM IST
बरेली
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सेना भर्ती में दलालों ने इसबार भी सेंध लगाने की कोशिश की। एक संदिग्ध युवक के पकडे जाने के बाद सेना सतर्क रही और लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी सतर्कता से भर्ती का दलाल पकड़ा गया है। पिछले साल अगस्त में हुई भर्ती में भर्ती गैंग पकड़े जाने के बाद इस बार सात से 15 मई तक चली भर्ती में सेना ने दलालों की धरपकड़ के लिए कड़े इंतजाम किए थे। सेना के सूत्रों का कहना है कि इस खेल में अभी और भी लोग सामने आ सकते हैं, क्योंकि विजिलेंस की जांच जारी है।
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 शाहजहांपुर रोड स्थित सेना भर्ती स्थल पर बाकायदा गोपनीय कैमरे लगाए गए थे। सैटेलाइट से लेकर भर्ती स्थल पर जाने वाले रास्ते पर खुफिया नजरें गढ़ी हुई थीं। सादे कपड़ों में खुफिया तंत्र से जुड़े लोग भर्ती में आने वाले युवकों के संपर्क में आने वालों पर नजरें गड़ाए हुए थे। भर्ती के गेट पर वह अक्सर घूमते रहते और युवाओं के अभिभावक बनकर संदिग्ध लोगों को भर्ती कराने के लिए भी टटोलते। भर्ती के दौरान खुफिया तंत्र के लोगों ने नरियावल और सुभाषनगर के दो लोगों पर नजरें गढ़ाई हुई थीं। शाहजहांपुर के रहने वाले एक संदिग्ध पर भी खुफिया नजरें लगी हुई थीं। हालांकि इसी बीच भर्ती स्थल पर घूमते दो संदिग्ध लोग सैन्य अधिकारियों की नजरों से बच नहीं पाए। एक को पूछताछ के बाद के बाद छोड़ दिया गया और दूसरे को पकड़कर अधिकारियों ने सेना विजिलेंस को सौंप दिया था, जिससे लंबी पूछताछ भी की गई थी। हालांकि अफसरों ने अभी तक साफ नहीं किया है कि वो कौन था। समझा जा रहा है कि पकड़े गए दलाल के तार उसी से जुड़े हैं। ताज्जुब यह है कि सेना ने इस बार भर्ती में दलालों से बचने के लिए युवाओं को प्रेरित करने में कोई कसर नहीं रखी थी। दौड़ने वालों से लेकर मेडिकल तक पहुंचने की हर प्रक्रिया में शामिल होने वाले युवाओं को दलालों के चक्कर में न पड़ने के लिए बार-बार आगाह किया जाता रहा। मेडिकल के बाद लिखित परीक्षा के लिए चयनित युवाओं को प्रवेश पत्र देते वक्त भी अफसरों की ओर से कहा गया कि उनकी भर्ती पारदर्शी होगी इसलिए वह किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें। इसके बावजूद दलाल युवाओं को अपने झांसे में लेने की भरसक कोशिश करते रहे। पकड़ा गया मामला इसका उदाहरण है। पिछले साल तो दलालों के गिरोह ने युवाओं के फर्जी सर्टिफिकेट भी बनवाए थे लेकिन आदेश गुर्जर तक पुलिस और सेना पहुंच गई, जिससे गिरोह का पर्दाफाश हो सका।
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