सेना भर्ती में अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह की सुरागकशी में लगी सेना की इंटेलीजेंस और सिविल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को एमईएस के एक इलेक्ट्रीशियन के साथ ही रिश्वत देकर नौकरी पाने की जुगत में लगे कायमगंज के रघुवीर नाम के युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 1.60 लाख रुपये बरामद हुए हैं। इलेक्ट्रीशियन के घर से तलाशी में पुलिस को पांच एडमिट कार्ड की फोटो कापी भी मिली हैं, जिससे इस बात की पुष्टि हुई कि यह काम गिरोहबंदी के रूप में किया जा रहा है।
सात मई से पंद्रह मई तक जाट रेजीमेंट ग्राउंड पर सेना की भर्ती हुई थी। एमईएस के इलेक्ट्रीशियन सुनील कुमार ने कायमगंज (फर्रुखाबाद) निवासी रघुवीर पुत्र रामदीन से भर्ती कराने का वादा करके रुपये मांगे थे। इन दोनों की बीच हुई डील की भनक लगते ही सेना की इंटेलीजेंस विंग पड़ताल में लग गई थी। इंटेलीजेंस विंग ने सुनील का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिया था। शनिवार को रघुवीर सुनील को पैसा देने के लिए कैंट इलाके में आया था। दोपहर के समय वीरांगना चौक पर इंटेलीजेंस ने सिविल पुलिस की मदद से दोनों को पकड़ लिया। इनके पास से 1.60 लाख रुपये भी बरामद हो गए। सीओ सिटी थर्ड असित श्रीवास्तव ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुनील ने भर्ती के नाम पर ही रघुवीर से 1.60 रुपये लिए थे। सुनील से पूछताछ की जा रही है कि कहीं उसने और लोगों से तो ऐसा सौदा नहीं किया था। सेना इंटेलीजेंस यह भी पता लगाएगी कि सुनील के किन अफसरों से संबंध हैं। रघुवीर से पूछताछ में भी कुछ सुराग मिल सकता है। अब तक मिली के जानकारी के हिसाब से पांच और ऐसे अभ्यर्थियों के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं।